Diwali: लक्ष्मी पूजा में कितने दीपक जलाने चाहिए? जानें सही नियम और विधि

Summary

दीपावली का पर्व, जिसे हम सामान्यतः दिवाली के नाम से जानते हैं, हिन्दू धर्म का सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व केवल दीपों की रोशनी का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, धन और खुशहाली की देवी माता लक्ष्मी के स्वागत का भी अवसर है। इस दिन, घरों एवं आंगनों को दीपों से…

Diwali: लक्ष्मी पूजा में कितने दीपक जलाने चाहिए? जानें सही नियम और विधि

दीपावली का पर्व, जिसे हम सामान्यतः दिवाली के नाम से जानते हैं, हिन्दू धर्म का सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व केवल दीपों की रोशनी का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समृद्धि, धन और खुशहाली की देवी माता लक्ष्मी के स्वागत का भी अवसर है। इस दिन, घरों एवं आंगनों को दीपों से सजाकर हम देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करते हैं, ताकि उनका आशीर्वाद पूरे वर्ष हमारे साथ बना रहे। दीप जलाना सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश की विजय और सकारात्मकता का प्रतीक है। इसीलिए लक्ष्मी पूजा के दौरान दीपकों की संख्या और उन्हें जलाने के नियम का पालन करना आवश्यक है। आइये जानते हैं वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से कि दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए और उनसे जुड़े नियम क्या हैं।

दिवाली पर कितने दीये जलाएं?

लक्ष्मी पूजा के दौरान दीपों की संख्या को लेकर अक्सर लोगों में दुविधा रहती है कि हमें 20 दीपक जलाने चाहिए या 21। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ में दीपक की संख्या को कभी भी 10, 20 या 30 जैसी शून्य पर समाप्त होने वाली संख्या में नहीं रखना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शून्य को अपूर्णता और समाप्ति का प्रतीक माना जाता है, जिसे सनातन धर्म में शुभ नहीं माना जाता है।

इसलिए, यदि आप 20 दीपक जलाने की सोच रहे हैं, तो इसके बजाय 21 दीपक जलाना अधिक शुभ माना जाता है। 21 की संख्या विषम होती है, जिसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर 13 या 26 दीपक जलाने की भी परंपरा है, जिसमें एक चौमुखी दीपक माता लक्ष्मी के सम्मुख रात भर जलता रहता है। आप अपने सामर्थ्य अनुसार 5, 7, 9, 11, 15, 51 या 101 दीपक भी जला सकते हैं।

दिवाली दीये जलाने के नियम

दीपावली के अवसर पर कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाना जरूरी माना जाता है। सबसे पहले पूजा कक्ष में माता लक्ष्मी और गणेश जी के सामने एक बड़ा चौमुखी दीपक अवश्य जलाना चाहिए, जिसे पूरी रात जलते रहने देना शुभ होता है। इसके अलावा, घर के मुख्य द्वार पर, तुलसी के पौधे के पास, रसोई घर में, पानी के स्थान पर और आंगन या छत पर भी दीपक जलाने की परंपरा है।

लक्ष्मी जी के सामने पूजा के दौरान घी का दीपक जलाना सबसे उत्तम माना जाता है। अन्य स्थानों पर आप सरसों या तिल के तेल का दीपक जला सकते हैं। जब आप मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं, तो ध्यान रखें कि उसे दक्षिण दिशा की ओर मुख करके न रखें। यम देवता के लिए एक विशेष दीपक छोटी दीपावली की रात को घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है।

लक्ष्मी पूजा के दीपकों को पूजा के स्थान पर ही रखें। चौमुखी दीपक में चारों दिशाओं में बत्तियां लगाई जाती हैं, जो हर तरफ प्रकाश फैलाती हैं। अन्य दीपकों में एक या दो बत्ती का प्रयोग किया जा सकता है।

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image credit: herzindagi

FAQ

दिवाली के दिन किस मंत्र का जाप करना चाहिए?
दिवाली के दिन ‘ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥’ मंत्र का जाप करें।

दिवाली के दिन क्या दान करना चाहिए?
दिवाली के दिन चावल, दाल, आटा, चीनी, तेल और मौसमी फल आदि का दान करना चाहिए।
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