भारतीय समाज में मांगलिक दोष को लेकर कई प्रकार की धारणाएं प्रचलित हैं। घर के बड़ों या पंडितों से आपने अक्सर सुना होगा कि यदि किसी की कुंडली में मांगलिक दोष है, तो उसके जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार यह भी देखा गया है कि शादी के टूटने का कारण भी मांगलिक योग को माना जाता है। इस कारण लोग इस स्थिति से भयभीत रहने लगते हैं और इसे जीवन की सबसे बड़ी बाधा समझने लगते हैं। परंतु, सवाल यह है कि क्या वास्तव में मांगलिक होना कोई दोष है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह शक्ति, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक होता है। जब मंगल किसी विशेष भाव में होता है, तो व्यक्ति में अद्भुत ऊर्जा और दृढ़ इच्छाशक्ति का संचार होता है। ऐसे लोग मेहनती, आत्मनिर्भर और अपने लक्ष्यों को पाने के लिए पूरी लगन से कार्य करने वाले होते हैं। आइए, सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी से जानते हैं कि मांगलिक होना कोई दोष नहीं, बल्कि यह एक विशेष योग है, जो व्यक्ति को साहसी बनाने के साथ-साथ एक मजबूत व्यक्तित्व प्रदान करता है।
कुंडली में मांगलिक योग क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति उसके जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। इनमें मंगल ग्रह को विशेष रूप से ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का कारक माना जाता है। जब मंगल ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तो इसे मांगलिक योग कहा जाता है। अक्सर लोग मांगलिक योग को केवल एक ‘दोष’ मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक विशेष योग है, जो व्यक्ति को असाधारण शक्ति और ऊर्जा प्रदान करता है। इस योग से प्रभावित जातक निर्णय लेने में सक्षम, लक्ष्य के प्रति समर्पित और आत्मविश्वासी होते हैं।
मांगलिक लोगों में विशेष गुण होते हैं जो उन्हें अन्य लोगों से अलग बनाते हैं। उनकी सोच हमेशा सकारात्मक होती है और वे जीवन की चुनौतियों का सामना डटकर करते हैं। यही कारण है कि मांगलिक लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहते हैं। वे अपने लक्ष्यों को पाने के लिए कठोर मेहनत करते हैं और कभी हार नहीं मानते।
मांगलिक होना शक्ति है, दोष नहीं
- अधिकतर लोग मांगलिक होने को एक नकारात्मक पहलू मानते हैं। उन्हें लगता है कि यदि कोई लड़का या लड़की मांगलिक है, तो उनकी शादी में बाधाएं आ सकती हैं। लेकिन सच यह है कि यह योग व्यक्ति में अतिरिक्त ऊर्जा और जोश लेकर आता है।
- मंगल की स्थिति व्यक्ति को कर्मठ, मेहनती और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने वाला बनाती है। ऐसे लोग जीवन के हर क्षेत्र में आगे रहने की कोशिश करते हैं। इनमें आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा होती है, जो उन्हें हमेशा ऊंचाइयों पर रखती है।
- मांगलिक लोगों में अन्य लोगों की तुलना में अधिक आत्मविश्वास होता है क्योंकि उनके भीतर मंगल की ऊर्जा निहित होती है। ये लोग चुनौतियों से डरते नहीं हैं और हमेशा खुद को आगे रखते हैं।
- इनकी सोच हमेशा प्रगति करने और अपने सपनों को पूरा करने की होती है, और इसके लिए ये निरंतर प्रयास करते रहते हैं। मांगलिक लोग अपने लक्ष्यों को पाने के लिए अथक मेहनत करते हैं और कभी हार नहीं मानते।
वास्तव में यह धारणा बिलकुल गलत है कि मांगलिक कोई दोष है। यह कुंडली में मौजूद ग्रह-नक्षत्रों की एक ऐसी स्थिति है जो व्यक्ति के वर्तमान और भविष्य दोनों में प्रभाव डालती है। इसके प्रभाव का हमेशा नकारात्मक होना आवश्यक नहीं है।
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