Drugs: ब्राउन शुगर तस्करों ने लिया पटवारी का नाम, PCC चीफ ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई

Summary

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर ड्रग्स तस्करी के गंभीर मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार यह मामला किसी आम अपराधी तक सीमित न रहकर सीधे तौर पर प्रदेश की राजनीति के गलियारों तक पहुंच गया है। इंदौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के…

इंदौर ड्रग्स केस: कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हिरासत में, सियासी घमासान तेज

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर ड्रग्स तस्करी के गंभीर मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार यह मामला किसी आम अपराधी तक सीमित न रहकर सीधे तौर पर प्रदेश की राजनीति के गलियारों तक पहुंच गया है। इंदौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिया है। इस घटनाक्रम के बाद से ही राज्य की सियासत में उबाल आ गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इंदौर में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई है। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी की है। इसी कड़ी में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के भाई का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने बिना देरी किए उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

यह भी पढ़ेंElection: दतिया उपचुनाव में बीजेपी को मिला क्षत्रिय समाज का साथ, राजेंद्र भारती पर गंभीर आरोप

यह भी पढ़ेंProtest: चीता आंदोलन का सातवां दिन, अनशन और सत्याग्रह अब भी जारी

यह भी पढ़ेंCrime: 500 रुपये के लिए खूनी संघर्ष, दुकान में चाचा-भतीजे को बेरहमी से पीटा

ब्राउन शुगर तस्करी से जुड़ा है पूरा मामला

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने इरफान और रानी उर्फ रानी भाई नाम के दो आरोपियों को 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। इन आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे यह ब्राउन शुगर मानक गंगवानी और नाना पटवारी को सप्लाई करने जा रहे थे। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने नाना पटवारी को हिरासत में लिया है ताकि ड्रग्स नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

इंदौर पुलिस के डीसीपी नरेंद्र रावत ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि नाना पटवारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ राजेंद्र नगर थाने में पहले से ही 9 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की टीमें लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हैं और इस बात की पुष्टि की जा रही है कि ड्रग्स सप्लाई चेन में उनकी क्या भूमिका रही है।

राजनीतिक बदले की कार्रवाई या निष्पक्ष जांच?

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। जीतू पटवारी ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर भाजपा सरकार की साजिश करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके भाई को बिना किसी ठोस आधार के हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।

दूसरी तरफ, जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार जय हड़िया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें सूचित किया है कि नाना पटवारी को केवल मौका मुआयना और पूछताछ के लिए ले जाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिलता है, तो उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीमें इस मामले के तार कहां तक जुड़े हैं, इसकी गहन पड़ताल कर रही हैं।

जांच के मुख्य बिंदु

  • 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर की जब्ती के बाद मामले में तेजी आई।
  • आरोपियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
  • नाना पटवारी के खिलाफ पूर्व में 9 आपराधिक मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
  • जीतू पटवारी ने इसे सरकार द्वारा किया गया राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
  • पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों और तथ्यों पर आधारित है।

फिलहाल इंदौर पुलिस प्रशासन इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। शहर में नशाखोरी के खिलाफ जारी इस अभियान को पुलिस एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, वहीं कांग्रेस इसे आगामी दिनों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच की निगरानी भी बढ़ा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस वास्तव में ड्रग्स माफियाओं के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर पाती है या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सिमट कर रह जाएगा।