छठ पूजा 2025: प्रधानमंत्री मोदी का शुभकामना संदेश
छठ पूजा 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को खरना पूजा की शुभकामनाएं दीं। अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने छठी मइया को समर्पित भक्ति गीतों के यूट्यूब लिंक भी साझा किए। प्रधानमंत्री ने पोस्ट में सभी श्रद्धालुओं को नमन किया जो आज उपवास कर रहे हैं।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “महापर्व छठ की खरना पूजा की असीम शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को सादर नमन! श्रद्धा और संयम के प्रतीक इस पावन अवसर पर गुड़ से तैयार खीर के साथ ही सात्विक प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा रही है। मेरी कामना है कि इस अनुष्ठान पर छठी मइया हर किसी को अपना आशीर्वाद दें।” यह संदेश न केवल विश्वास को दर्शाता है, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई को भी उजागर करता है।
आप सभी को महापर्व छठ की खरना पूजा की असीम शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को सादर नमन! श्रद्धा और संयम के प्रतीक इस पावन अवसर पर गुड़ से तैयार खीर के साथ ही सात्विक प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा रही है। मेरी कामना है कि इस अनुष्ठान पर छठी मइया हर किसी को अपना आशीर्वाद दें।…
— नरेंद्र मोदी (@narendramodi) 26 अक्टूबर, 2025
छठ महापर्व 2025 की विशेषताएँ
चार दिवसीय छठ महापर्व सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है, जो शनिवार को नहाय-खाय के पवित्र अनुष्ठान के साथ शुरू हुआ। इस वर्ष यह पर्व 25 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इसमें कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर नहाय-खाय, पंचमी को खरना, षष्टी को छठ पूजा और सप्तमी को उषा अर्घ्य शामिल हैं।
रविवार को ‘खरना’ है, जो इस महापर्व का दूसरा दिन है। इस दिन व्रति शाम को छठी मइया को पूजा अर्चना के बाद विशेष भोजन का सेवन करके अपना उपवास तोड़ते हैं, जिसमें रसीया खीर और रोटी या चपाती शामिल होती है। खरना के अनुष्ठान मन, शरीर और आत्मा की अंतिम शुद्धि का एक चरण है, जो पहले दिन की शुद्धि के बाद आता है और इसके बाद कठिन 36 घंटे का निर्जला उपवास होता है, जो पर्व के समाप्त होने तक चलता है।
भारत में छठ पूजा की तैयारियाँ
छठ पूजा की तैयारियाँ पूरे भारत में हो रही हैं, खासकर बिहार, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के मयूर विहार फेज 1 के पास छठ घाट पर तैयारियाँ चल रही हैं।
लखनऊ में, शनिवार को गोमती नदी के किनारे छठ पूजा की तैयारियाँ की गईं। वहीं, गुवाहाटी में अधिकारियों ने शनिवार की रात ब्रह्मपुत्र नदी के घाटों पर छठ पूजा की तैयारियों का निरीक्षण किया।
इस महापर्व के दौरान श्रद्धालु न केवल अपने परिवार और समाज के लिए प्रार्थना करते हैं, बल्कि यह पर्व प्राकृतिक सौंदर्य और भारतीय संस्कृति के गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है। छठ पूजा का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक समारोह भी है, जिसमें समुदाय के लोग एकत्रित होते हैं और एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करते हैं।
(एएनआई के इनपुट के साथ)
