भारत के रेलवे स्टेशन, जैसे कि नई दिल्ली से लेकर मुंबई और सूरत तक, इस बार दीपावली और छठ त्योहारों के लिए घर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ का सामना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि ने न केवल लंबी कतारें बना दी हैं, बल्कि इससे लॉजिस्टिक समस्याएं भी उत्पन्न हो गई हैं।
सूरत में 2 किलोमीटर की ट्रेन की कतार
शनिवार रात को सूरत, गुजरात के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ का असली मंजर देखने को मिला।
12 घंटे की प्रतीक्षा: प्लेटफॉर्म नंबर 6 के सामने यात्रियों की कतार लगभग दो किलोमीटर लंबी थी, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। ये कतार लिम्बायत क्षेत्र में खुले मैदान तक फैली हुई थी। यात्रियों ने रविवार सुबह और अपराह्न को चलने वाली विशेष और साप्ताहिक ट्रेनों के लिए धूल भरी ज़मीन पर 12 घंटे तक प्रतीक्षा की।
दृश्य प्रमाण: खास वीडियो में रात के समय स्टेशन परिसर और आसपास के खेतों में लंबी कतारें दिखाई दे रही थीं।
रेल मंत्री ने नई दिल्ली में स्थिति की समीक्षा की
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाकर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
दिवाली से पहले अचानक खचाखच भरी ट्रेन में चढ़ गए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, यात्रियों से की बात. दिवाली पर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर रेल मंत्री ने लिया व्यवस्था का जायजा #Diwali #NDLS #Train #AshwiniVaishnaw | #ZeeNews pic.twitter.com/vTr8JL7yqg
— Zee News (@ZeeNews) October 19, 2025
पीक रश डे: मंत्री ने पुष्टि की कि शनिवार “पीक रश डे” था, जब लगभग 175,000 यात्रियों ने स्टेशन का उपयोग किया, जिसमें 75,000 बिना आरक्षित यात्री शामिल थे।
अवसंरचना में वृद्धि: भीड़ को संभालने के लिए मंत्रालय ने नए यात्री सुविधा केंद्र और अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले हैं।
विशेष ट्रेनें और कार्रवाई: इस सीजन में 12,000 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्री ने आश्वासन दिया कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई शुरू की जा रही है।
भीड़ प्रबंधन: नई दिल्ली स्टेशन पर प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए अनुशासित तरीके से भीड़ को संभालने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं ताकि भगदड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
मुंबई और झांसी में भीड़ प्रबंधन उपाय
अन्य बड़े रेलवे टर्मिनलों में भी इसी तरह की भीड़ देखी गई, जिसके कारण रेलवे द्वारा विशेष नियंत्रण उपायों का उपयोग किया गया।
मुंबई के बाड़े वाले क्षेत्र: मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने सामान्य कोच यात्रियों के लिए अलग, बाड़ा वाले क्षेत्रों (या ‘खतलों’) का विकास किया। इससे व्यवस्थित चढ़ाई में मदद मिली और धक्का-मुक्की और भगदड़ को रोका गया। आरपीएफ और जीआरपी के कर्मचारी सुरक्षा के लिए बहुत चौकस थे।
यात्रियों का आक्रोश: हालांकि अधिकांश यात्रियों ने बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की, कुछ ने स्टेशन के बाहर अत्यधिक और मनमाने शुल्क लेने की शिकायत की।
झांसी में भीड़: झांसी स्टेशन पर भी इसी तरह की भीड़ देखी गई, खासकर गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों के लिए। यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों के माध्यम से ट्रेनों में चढ़ने की कोशिश की। DRM और RPF ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी संभाली है।
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