Seizure: तूतुकुडी पोर्ट पर 5 करोड़ रुपये के अवैध चीनी पटाखे

Summary

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने किए अवैध पटाखों का बड़े पैमाने पर जब्ती दिवाली से पहले एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने तूतुकुड़ी पोर्ट पर अवैध चीनी पटाखों की एक खेप जब्त की है, जिसकी कीमत 5.01 करोड़ रुपये है। यह जानकारी रविवार को वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई। इस कार्रवाई…

Seizure: तूतुकुडी पोर्ट पर 5 करोड़ रुपये के अवैध चीनी पटाखे

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने किए अवैध पटाखों का बड़े पैमाने पर जब्ती

दिवाली से पहले एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने तूतुकुड़ी पोर्ट पर अवैध चीनी पटाखों की एक खेप जब्त की है, जिसकी कीमत 5.01 करोड़ रुपये है। यह जानकारी रविवार को वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई। इस कार्रवाई को ‘फायर ट्रेल’ नामक अभियान के तहत अंजाम दिया गया है।

इस खेप को इंजीनियरी सामान के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया था, जिसमें 83,520 पीस स्मगल किए गए पटाखे दो चालीस फुट कंटेनरों के अंदर छिपाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, डीआरआई ने 14 से 18 अक्टूबर 2025 के बीच विशेष ड्राइव के दौरान इन कंटेनरों को रोका।

तूतुकुड़ी में गिरफ्तारियां और जांच

जब्त की गई खेप में सिलिकॉन सीलेंट गन का कवर कार्गो भी शामिल था। चेन्नई, तूतुकुड़ी और मुंबई में समन्वित अभियानों के बाद, अधिकारियों ने तूतुकुड़ी में आयातक को गिरफ्तार किया और मुंबई से दो अन्य व्यक्तियों सहित तीन और लोगों को पकड़ लिया। सभी चारों को तस्करी रैकेट में अपनी भूमिका के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पटाखों का आयात भारत की विदेशी व्यापार नीति के तहत प्रतिबंधित है और इसके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) और पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से उचित लाइसेंस की आवश्यकता होती है, जो विस्फोटक नियम, 2008 के तहत आता है।

अवैध आयात का खतरा

अधिकारियों का कहना है कि अवैध आयात और गलत घोषणा न केवल व्यापार और सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करती है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है, क्योंकि ये सामान अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं।

डीआरआई ने कहा है कि वह विशेष रूप से उन तस्करी गतिविधियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। “यह अभियान इस बात को उजागर करता है कि हम त्यौहारी सीजन के दौरान खतरनाक सामानों के अवैध आयात को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं,” एजेंसी ने एक बयान में कहा।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और पटाखों की बिक्री

यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 18 से 21 अक्टूबर के बीच प्रमाणित हरी पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति दी है, लेकिन कड़े शर्तों के साथ। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि केवल उन पटाखों की बिक्री की जा सकती है जिनमें QR कोड हों, जो राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) और PESO द्वारा सत्यापित हों। यह कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने और दिवाली के जश्न के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

इस प्रकार, डीआरआई की यह कार्रवाई न केवल अवैध पटाखों के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है, बल्कि यह दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान सुरक्षा को भी प्राथमिकता देती है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता की भलाई के लिए एक आवश्यक कदम है, जिसमें सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।