दिल्ली में वायु गुणवत्ता का संकट: दिवाली के बाद स्थिति गंभीर
दिल्ली में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता (AQI) के स्तर में गिरावट आई है, जिससे यह ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। कई लोगों ने इस स्थिति का दोष पटाखों पर डालने की कोशिश की है। दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस विषय पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बात करते हुए सिरसा ने कहा कि 2020 में जब दिवाली पर पटाखों को अनुमति दी गई थी, तब PM 2.5 का स्तर दिवाली से पहले 414 और बाद में 435 था, जो कि 21 अंकों की वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि 2021 में यह वृद्धि 80 अंकों की थी। जबकि 2024 में जब पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया, तब AQI दिवाली से पहले 328 और बाद में 360 हो गया। सिरसा ने कहा, “जब पटाखों पर प्रतिबंध था तब भी AQI में 32 अंकों की वृद्धि हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और दिल्ली सरकार की मांग पर हमें हरी पटाखों की अनुमति मिली थी। दिवाली से पहले AQI 345 था, और बाद में यह 356 हो गया। क्या आप इस स्थिति के लिए दिवाली को जिम्मेदार ठहराएंगे?”
दिवाली पर आरोप: राजनीति का खेल
दिल्ली मंत्री ने कहा कि जो लोग दिवाली को वायु प्रदूषण के लिए दोषी ठहराते हैं, वे झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “यह सब कुछ एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “जो लोग औरंगजेब और अकबर की प्रशंसा करते हैं, वही आज दिवाली पर उंगली उठा रहे हैं।” सिरसा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर पटाखों पर प्रतिबंध लगाकर एक विशेष समुदाय के वोट हासिल करने का प्रयास किया।
सिरसा ने कहा कि Aam Aadmi Party (AAP) ने जानबूझकर दिवाली, सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, “केजरीवाल की पूरी टीम सुबह से दिवाली को कोस रही है। दिवाली बीजेपी का त्योहार नहीं है। यह एक सनातन हिंदू त्योहार है, और आप इस त्योहार के खिलाफ शब्दों का प्रयोग क्यों कर रहे हैं?”
किसानों की समस्या: AAP का दोहरा रवैया
दिल्ली मंत्री ने पंजाब में AAP सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर कर रही है। “मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि AAP जानबूझकर पंजाब में किसानों को पराली जलाने के लिए किस प्रकार मजबूर कर रही है।” उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है ताकि इसका प्रभाव दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर पड़े। सिरसा ने कहा कि “AAP के नेता केजरीवाल ने 10 साल तक पंजाब के किसानों को गालियाँ दीं, लेकिन अब हम केवल सात महीनों में इस समस्या पर काम कर रहे हैं।”
दिल्ली में वायु गुणवत्ता: वर्तमान स्थिति
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह 10 बजे दिल्ली में कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 359 पर था।
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, Bawana में AQI 432 दर्ज किया गया, Jahangirpuri में 405, Ashok Vihar में 408 और Wazirpur में भी 408 का AQI है, जो इसे ‘गंभीर’ श्रेणी में सबसे बुरा क्षेत्र बनाता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता का यह संकट न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का भी विषय बन गया है। सभी पक्षों को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए एक साथ आने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों की सेहत को सुरक्षित रखा जा सके और आगामी त्योहारों का आनंद बिना किसी चिंता के लिया जा सके।
