छठ महापर्व का उत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व 25 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है, और इस दौरान बिहार से लेकर विदेशों तक इसका आनंद लेने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। घाटों पर उमड़ती भीड़ और गूंजते छठ गीत इस पावन अवसर की रौनक को और बढ़ा देते हैं। जब हम छठ गीतों की बात करते हैं, तो भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और खेसारी लाल यादव का नाम अवश्य आता है। लेकिन इस बार, रिकॉर्ड्स की बात करें तो खेसारी लाल यादव ने बाजी मार ली है। आइए जानते हैं कैसे।
खेसारी लाल यादव का ‘छठ घाटे चली’ बना रिकॉर्ड तोड़ हिट
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खेसारी लाल यादव का बेहद प्रसिद्ध गाना ‘छठ घाटे चली’ (Chhath Ghate Chali) हर साल छठ पर्व पर ट्रेंड करता है। आदिशक्ति फिल्म्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए इस गाने को अब तक 153 मिलियन (15 करोड़ से ज्यादा) लोग देख चुके हैं। इस गाने के बोल को अखिलेश कश्यप ने लिखा है, और इसकी आवाज खुद खेसारी लाल यादव ने दी है। चार साल पुराना यह गीत भोजपुरी छठ गीतों में नया इतिहास रच चुका है।
पवन सिंह का ‘जोड़े-जोड़े फलवा’ भी बना सुपरहिट
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भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनका लोकप्रिय छठ गीत ‘जोड़े-जोड़े फलवा’ (Jode Jode Falwa), जो 2022 में T-Series Hamaar Bhojpuri चैनल पर रिलीज हुआ था, अब तक 135 मिलियन व्यूज हासिल कर चुका है। इस गाने के बोल विनय बिहारी ने लिखे हैं, और पवन सिंह की दमदार आवाज ने इसे घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कौन बना छठ गीतों का किंग?
हालांकि दोनों सुपरस्टार्स के बीच रिश्ते सामान्य हो गए हैं, लेकिन फैंस के बीच वर्चस्व की जंग हमेशा जारी रहती है। इस बार व्यूज की रेस में खेसारी लाल यादव का ‘छठ घाटे चली’ सबसे आगे निकल चुका है और इसे छठ गीतों का ‘ब्लॉकबस्टर किंग’ माना जा रहा है। इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि फैंस के बीच खेसारी और पवन के गानों को लेकर चर्चा किस प्रकार बढ़ती जा रही है।
छठ महापर्व की विशेषताएँ
छठ महापर्व को लेकर देशभर में एक विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस पर्व का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक भी है। छठ पूजा को लेकर कुछ विशेष बातें निम्नलिखित हैं:
- सप्तमी से शुरू होता है: छठ महापर्व का आरंभ सप्तमी तिथि से होता है, जिसमें श्रद्धालु सूर्य देव और छठी माता की पूजा करते हैं।
- प्रवासी भारतीयों में भी लोकप्रियता: यह पर्व केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भी यह पर्व महत्वपूर्ण है।
- खास पकवान: इस अवसर पर ठेकुआ, दाल-चावल, और फल आदि का विशेष महत्व होता है।
- संगीत और नृत्य: इस पर्व पर पारंपरिक गीतों और नृत्यों का आयोजन किया जाता है, जो उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना देता है।
छठ महापर्व केवल एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अवसर है जब लोग अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर एकजुट होते हैं। इस पर्व के दौरान श्रद्धालु अपने-अपने तरीके से सूर्य देवता की आराधना करते हैं, और इसके साथ ही भोजपुरी संगीत का भी खास महत्व होता है।
भोजपुरी संगीत का योगदान
भोजपुरी संगीत ने छठ महापर्व को और भी रंगीन बना दिया है। खेसारी लाल यादव और पवन सिंह जैसे कलाकारों ने अपने गानों के माध्यम से इस पर्व को नई पहचान दी है। इनके गाने न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि वे श्रद्धा और भक्ति का भी प्रतीक हैं।
इस प्रकार, छठ महापर्व के इस अवसर पर खेसारी लाल यादव और पवन सिंह के गानों ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि भोजपुरी संगीत का स्थान भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में कितना महत्वपूर्ण है। हर साल की तरह, इस बार भी इनके गाने श्रद्धालुओं के दिलों में जगह बना रहे हैं, और इसके साथ ही दोनों कलाकारों के बीच की प्रतिस्पर्धा भी फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गई है।
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