Transparency: PFRDA का NPS और APY योजनाओं में सुधार का लक्ष्य

Summary

पीएफआरडीए ने जारी किया परामर्श पत्र, पेंशन फंड के लिए मूल्यांकन दिशानिर्देशों में सुधार नई दिल्ली: पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने “सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते समय दीर्घकालिक फंड के मुख्य उद्देश्यों के साथ मूल्यांकन दिशानिर्देशों का संरेखण और शुद्ध संपत्ति मूल्य (एनएवी) की गणना” शीर्षक से एक व्यापक परामर्श पत्र जारी…

Transparency: PFRDA का NPS और APY योजनाओं में सुधार का लक्ष्य

पीएफआरडीए ने जारी किया परामर्श पत्र, पेंशन फंड के लिए मूल्यांकन दिशानिर्देशों में सुधार

नई दिल्ली: पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने “सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते समय दीर्घकालिक फंड के मुख्य उद्देश्यों के साथ मूल्यांकन दिशानिर्देशों का संरेखण और शुद्ध संपत्ति मूल्य (एनएवी) की गणना” शीर्षक से एक व्यापक परामर्श पत्र जारी किया है। यह पहल पीएफआरडीए की प्रशासनिक सुधारों, ग्राहकों के हितों की रक्षा और भारत की व्यापक वित्तीय और अवसंरचनात्मक वृद्धि में योगदान देने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

इस परामर्श पत्र में दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियों के लिए दोहरी मूल्यांकन ढांचे को अपनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें ‘अक्रूरल’ और ‘फेयर मार्केट’ मूल्यांकन शामिल है। इस ढांचे का मुख्य उद्देश्य तीन महत्वपूर्ण पहलों को प्राप्त करना है:

  • स्थिरता और सरलता: पेंशन धन संचय को स्थिर और सरल तरीके से दिखाना, जिससे ग्राहकों को संचय चरण के दौरान बेहतर जानकारी मिल सके।
  • ब्याज दर के उतार-चढ़ाव को कम करना: योजना के एनएवी पर अल्पकालिक ब्याज दर के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करना, क्योंकि इस तरह के उतार-चढ़ाव संचय चरण में ग्राहकों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करते हैं।
  • दीर्घकालिक पूंजी निर्माण: पेंशन फंड निवेशों को दीर्घकालिक पूंजी निर्माण के साथ संरेखित करना, जिससे उत्पादक, दीर्घकालिक अवसंरचना संपत्तियों को वित्तपोषण के माध्यम से हितधारकों का विश्वास बढ़ सके।

कुल मिलाकर, यह ढांचा ग्राहकों के लिए पेंशन धन संचय को और स्पष्टता से प्रस्तुत करने के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और आर्थिक महत्व को सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखता है।

परामर्श पत्र की उपलब्धता और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया

यह परामर्श पत्र पीएफआरडीए की वेबसाइट पर “अनुसंधान और प्रकाशन” टैब के तहत उपलब्ध है। (https://pfrda.org.in/en/web/pfrda/consultation-papers)। पीएफआरडीए इस प्रस्ताव पर सभी हितधारकों से प्रतिक्रिया मांग रहा है, जिसमें एनपीएस प्रतिभागी, संभावित ग्राहक, पेंशन फंड, उद्योग विशेषज्ञ, अकादमिक और आम जनता शामिल हैं।

हितधारक 30 नवंबर 2025 तक इस परामर्श पत्र पर अपने विचार, इनपुट और फीडबैक जमा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया सभी के लिए खुली है, जिससे कि पेंशन फंड के विकास और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए सामूहिक विचार विमर्श किया जा सके।

समापन विचार

पीएफआरडीए का यह कदम भारतीय पेंशन प्रणाली में आवश्यक सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। दोहरी मूल्यांकन ढांचे के माध्यम से, सरकार के प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले पेंशन फंड की स्थिरता और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, यह ग्राहकों को उनके पेंशन धन के संचय के बारे में स्पष्टता और विश्वास प्रदान करेगा।

इस प्रकार, यह परामर्श पत्र न केवल पेंशन फंड के प्रबंधन में सुधार करेगा, बल्कि भारत की आर्थिक वृद्धि और वित्तीय स्थिरता में भी योगदान देगा। सभी हितधारकों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, ताकि एक मजबूत और विश्वसनीय पेंशन प्रणाली का निर्माण किया जा सके।

Exit mobile version