नई दिल्ली: EPFO प्रमुख ने नए नियमों का बचाव किया
नई दिल्ली: CNBC-TV18 के साथ एक बातचीत में, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रमुख रमेश कृष्णमूर्ति ने नए नियम का बचाव किया है, जिसमें सदस्यों को अपनी भविष्य निधि (PF) बैलेंस का 25 प्रतिशत लॉक करके रखने की अनिवार्यता है, भले ही वे शेष राशि निकाल लें। उनका कहना है कि यह कदम श्रमिकों के लिए दीर्घकालिक वित्तीय और सेवानिवृत्ति सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
कृष्णमूर्ति के अनुसार, कई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद अपनी पूरी बचत निकाल लेते हैं, जिससे सेवानिवृत्ति के लिए बहुत कम बचता है। नए नियम के तहत, वे अपनी बचत का 75 प्रतिशत निकाल सकते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत भविष्य के लिए एक सुरक्षा जाल के रूप में निवेशित रहता है। यह बैलेंस वर्तमान EPFO नियमों के तहत प्रति वर्ष 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज भी कमाता है।
नियमों का उद्देश्य और लाभ
कृष्णमूर्ति ने यह भी बताया कि बार-बार निकासी वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाती है। EPFO के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 75 प्रतिशत सदस्य तीन वर्षों के भीतर योजना से बाहर निकल जाते हैं, और कई खातों को बंद करते समय अंतिम बैलेंस 20,000 रुपये से भी कम होता है। नए नीति का उद्देश्य इस प्रवृत्ति को बदलना है ताकि श्रमिक एक महत्वपूर्ण सेवानिवृत्ति कोष बना सकें।
EPFO ने पूर्ण निकासी के लिए प्रतीक्षा अवधि को दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया है। जबकि कुछ आलोचक इसे कठिनाई मानते हैं, कृष्णमूर्ति ने स्पष्ट किया कि यह परिवर्तन सदस्यों को दीर्घकालिक सदस्यता से जुड़े पेंशन और बीमा लाभों के लिए पात्र बनाए रखने में मदद करता है।
विशेष परिस्थितियों में निकासी की सुविधा
हालांकि, विशेष परिस्थितियों में, कर्मचारी बिना किसी कारण बताए वर्ष में दो बार अपनी बचत का 100 प्रतिशत निकाल सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति 12 महीने से अधिक बेरोजगार रहता है, तो लॉक किया गया 25 प्रतिशत भी निकाला जा सकता है। यह प्रावधान उन लोगों के लिए राहत प्रदान करता है जो आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का दृष्टिकोण
कृष्णमूर्ति ने यह भी बताया कि EPFO का उद्देश्य केवल बचत को सुरक्षित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सदस्यों के पास एक स्थायी और सुरक्षित भविष्य के लिए पर्याप्त धन हो। उन्होंने कहा कि यह नीति न केवल सदस्यों के लिए दीर्घकालिक लाभकारी है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
नई नीति के तहत, EPFO यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रमिकों के लिए एक सुरक्षित सेवानिवृत्ति सुनिश्चित हो सके, जिसमें उन्हें अपनी बचत को समझदारी से प्रबंधित करने का अवसर मिले। इस प्रकार, EPFO ने एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है, जो श्रमिकों और उनकी वित्तीय भलाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।





