नई दिल्ली: दिवाली 2025 के लिए बाजारों का कार्यक्रम
दिवाली 2025 के नजदीक आते ही भारतीय शेयर बाजार, जिसमें BSE, NSE और MCX शामिल हैं, ने अपने व्यापार और छुट्टियों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। हर साल, दिवाली के दौरान विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाता है, जिसे धन और समृद्धि के लिए शुभ समय माना जाता है। इस सत्र में निवेशकों को अपने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत शुभ तरीके से करने का अवसर मिलता है।
दिवाली के चारों ओर बाजार का कार्यक्रम
शनिवार, 18 अक्टूबर (धनतेरस): इस दिन बाजार बंद रहेंगे क्योंकि यह सप्ताहांत में आता है।
- रविवार, 19 अक्टूबर: नियमित रविवार की छुट्टी।
- सोमवार, 20 अक्टूबर: सामान्य व्यापार फिर से शुरू होगा।
- मंगलवार, 21 अक्टूबर (दिवाली – लक्ष्मी पूजन): अधिकांश दिन बाजार बंद रहेंगे, लेकिन एक विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा।
- बुधवार, 22 अक्टूबर (बलिप्रतिपदा): फिर से बाजार बंद रहेंगे।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2025: तिथि और समय
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर के समय आयोजित होगा। यह एक घंटे का सत्र है, जो निवेशकों के लिए एक प्रतीकात्मक परंपरा है, जहां वे छोटे या नए निवेश करके नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत अच्छे भाग्य के साथ करते हैं।
व्यापार कार्यक्रम (अनुमानित)
- प्री-ओपन सत्र: 1:30 PM – 1:45 PM
- मुख्य व्यापार सत्र: 1:45 PM – 2:45 PM
अन्य उप-सेशनों जैसे कि ब्लॉक डील्स, कॉल ऑक्शंस, और क्लोजिंग के समय एक्सचेंज दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।
दिवाली के बाद आगामी बाजार छुट्टियां
दिवाली के समय के बाद, बाजार निम्नलिखित दिनों पर बंद रहेंगे:
- बुधवार, 5 नवंबर 2025 – गुरु नानक जयंती
- गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 – क्रिसमस
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र एक पुरानी परंपरा है जो वित्तीय वर्ष में समृद्धि और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है। कई निवेशक इस अवसर पर छोटे व्यापारों में भाग लेते हैं ताकि वे दिवाली को वित्तीय रूप से महत्वपूर्ण तरीके से मना सकें। इस परंपरा का महत्व केवल निवेश करने में नहीं, बल्कि इसे एक शुभ अवसर के रूप में देखने में भी है।
दिवाली का यह विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र न केवल निवेशकों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना है। हर साल, हजारों लोग इस अवसर का लाभ उठाते हैं और अपने आर्थिक भविष्य को उज्जवल बनाने की कोशिश करते हैं।
इस प्रकार, दिवाली का समय केवल रोशनी और उत्सव का नहीं, बल्कि निवेश और समृद्धि का भी है। बाजारों का यह विशेष कार्यक्रम निवेशकों को एक नई दिशा देने का कार्य करता है और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है।
