सुपर कार निर्माता सुजुकी की नई योजनाएँ
सुजुकी मोटर ने भारत में अगले पांच से छह वर्षों में आठ नए स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs) लॉन्च करने की योजना बनाई है। यह जानकारी जापानी ऑटोमेकर के अध्यक्ष तोषिहिरो सुजुकी ने बुधवार को दी। कंपनी का उद्देश्य अपने बाजार हिस्से को बढ़ाना है, जो वर्तमान में 38 प्रतिशत है, और इसे पूर्व-कोविड स्तर 50 प्रतिशत तक वापस लाना है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि प्रतिस्पर्धा पिछले चार दशकों से सबसे कठिन दौर में प्रवेश कर चुकी है।
भारत में सुजुकी का महत्व
तोषिहिरो सुजुकी ने टोक्यो में आयोजित जापान मोबिलिटी शो के दौरान कहा, “भारत सुजुकी का सबसे महत्वपूर्ण बाजार है और हमारे पास भारत के लिए बड़े योजनाएँ हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सुजुकी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सबसे बड़े विक्रेता बनने की इच्छा रखती है और देश के सबसे बड़े कार निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखना चाहती है।
नई SUVs का प्रभाव
इन नई SUVs के लॉन्च के साथ, सुजुकी का कुल उत्पाद पोर्टफोलियो भारत में 28 मॉडल्स तक पहुँच जाएगा। सुजुकी ने कहा, “हम ऐसे उत्पादों और तकनीकों को ध्यान में रखते हुए लाने की योजना बना रहे हैं जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर सकें… एंट्री-लेवल से लेकर बड़े SUVs और MPVs तक।” इस योजना के अंतर्गत विभिन्न पावरट्रेन, जैसे हाइब्रिड, संकुचित प्राकृतिक गैस (CNG) और बायोगैस-चालित वाहनों का समावेश होगा।
आर्थिक निवेश और उत्पादन क्षमता
हालाँकि, सुजुकी ने अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कोई समयसीमा प्रदान नहीं की है। उनकी भारत के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएँ तब आई हैं जब उनकी स्थानीय इकाई, मारुति सुजुकी, जो कि भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है, ने महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स के मुकाबले अपनी स्थिति खो दी है।
अगस्त में, सुजुकी ने भारत में 8 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना की घोषणा की, जो कि इस वर्ष की शुरुआत में किए गए निवेश के वादे का दो गुना है। कंपनी के अध्यक्ष ने कहा कि यह धन भारत में वार्षिक उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4 मिलियन यूनिट्स करने में लगाया जाएगा, जो वर्तमान में लगभग 2.5 मिलियन यूनिट्स है। इस उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा निर्यात के लिए होगा।
भारत को सुजुकी का वैश्विक उत्पादन हब बनाना
सुजुकी ने कहा, “हम भारत को सुजुकी का वैश्विक उत्पादन हब बनाना चाहते हैं।” यह दृष्टिकोण न केवल भारत में रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। नई योजनाएँ और निवेश भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने का कार्य करेंगी और सुजुकी को एक बार फिर से बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेंगी।
निष्कर्ष
इस प्रकार, सुजुकी की यह नई रणनीति न केवल अपने बाजार हिस्से को बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह भारत में नई तकनीकों और उत्पादों के माध्यम से ग्राहकों की अपेक्षाओं को भी पूरा करने का प्रयास है। आने वाले वर्षों में, भारत में सुजुकी की उपस्थिति और भी मजबूत होने की संभावना है, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को विविधता और गुणवत्ता के नए विकल्प मिलेंगे।
