Election: ‘भाजपा के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, यूपी में BLO की मौत पर भड़के अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उनका कहना है कि 16 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन…

Election: ‘भाजपा के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, यूपी में BLO की मौत पर भड़के अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उनका कहना है कि 16 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन कम समय में कराना संभव नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए सपा ने चुनाव आयोग से इसकी समय सीमा को तीन माह और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

अखिलेश यादव का आरोप है कि चुनाव आयोग को अपनी साख, पारदर्शिता और चुनाव की निष्पक्षता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि काम के दबाव में कई बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) आत्महत्या कर चुके हैं। उनका मानना है कि यदि आयोग वास्तव में निष्पक्षता से एसआइआर (सर्वेक्षण और पहचान प्रक्रिया) का कार्य सम्पन्न कराना चाहता है, तो इसे कम से कम तीन माह और बढ़ाना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ उठाई आवाज

अजय ने कहा कि एसआइआर के बेतरतीब काम के दबाव के कारण पिछले दो दिनों में तीन बीएलओ की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी जिद पूरी करने के लिए निर्दोष कर्मचारियों की बलि चढ़ा रहा है। इस स्थिति के प्रति अजय ने मांग की है कि इन मौतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मृतक बीएलओ के परिवारों को मुआवजा तथा सरकारी नौकरी दी जाए।

बीएलओ की आत्महत्याएं: एक गंभीर सवाल

बीएलओ के आत्महत्या के मामलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। बीएलओ की स्थिति अत्यंत कठिन हो गई है, खासकर उन पर काम का दबाव बढ़ने के कारण। यह स्थिति न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि उनके परिवारों पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

अखिलेश यादव और अजय के आरोपों ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। इन नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वह अपनी नीतियों में बदलाव करें और बीएलओ के लिए एक सुरक्षित और समर्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करें। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि आयोग इन मौतों के मामलों में न्याय सुनिश्चित करे।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई दलों ने इस मामले में चुनाव आयोग की आलोचना की है और मांग की है कि आयोग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। इसके साथ ही, सभी दलों ने मृतक बीएलओ के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उनके लिए मुआवजे की मांग की है।

  • अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल
  • कांग्रेस अध्यक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग
  • चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस तरह के मामले चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं और यह बताता है कि किस प्रकार से राजनीतिक दबाव के चलते कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि चुनाव आयोग को अपनी नीतियों में सुधार करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया जा सके।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग और संबंधित सरकारी निकायों को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। सभी की नजरें इस घटनाक्रम पर हैं और यह देखना होगा कि आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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