Pay असमानता: भारतीय कर्मचारियों की रिपोर्ट सबसे निम्न स्तर पर

भारत में वेतन समानता की स्थिति पर रिपोर्ट भारत में वेतन समानता की स्थिति: एक नई रिपोर्ट नई दिल्ली: एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में कर्मचारियों की वेतन समानता के प्रति धारणा में सुधार हो रहा है। इस साल, उन कर्मचारियों का प्रतिशत जो अपने वेतन को अनुचित मानते हैं, 31 प्रतिशत से…

Pay असमानता: भारतीय कर्मचारियों की रिपोर्ट सबसे निम्न स्तर पर



भारत में वेतन समानता की स्थिति पर रिपोर्ट

भारत में वेतन समानता की स्थिति: एक नई रिपोर्ट

नई दिल्ली: एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में कर्मचारियों की वेतन समानता के प्रति धारणा में सुधार हो रहा है। इस साल, उन कर्मचारियों का प्रतिशत जो अपने वेतन को अनुचित मानते हैं, 31 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत हो गया है। यह रिपोर्ट मानव पूंजी प्रबंधन कंपनी ADP द्वारा मंगलवार को जारी की गई थी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत, सर्वेक्षण किए गए 34 बाजारों में वेतन समानता की भावना में सबसे आगे है। यहां केवल 11 प्रतिशत कर्मचारी हैं जो अपने वेतन से असंतुष्ट हैं। यह आंकड़ा भारत की आर्थिक स्थिति और वेतन नीति में सुधार को दर्शाता है।

विश्व स्तर पर वेतन असमानता

रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न बाजारों में वेतन असमानता की भावना में महत्वपूर्ण भिन्नताएं हैं। दक्षिण कोरिया और स्वीडन में वेतन असमानता की भावना सबसे अधिक है, जहां क्रमशः 45 प्रतिशत और 39 प्रतिशत कर्मचारी अपने वेतन को अनुचित मानते हैं। यह दर्शाता है कि कई विकसित देश भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं।

लिंग के आधार पर वेतन अंतर

रिपोर्ट में बताया गया है कि कई देशों में लिंग आधारित वेतन अंतर भी स्पष्ट है। 34 बाजारों में से 15 में 30 प्रतिशत से अधिक महिलाएं अपने वेतन को अनुचित मानती हैं, जबकि केवल 5 बाजारों में पुरुष ऐसा मानते हैं। हालांकि, भारत उन कुछ बाजारों में से एक है, जहां पुरुषों का एक बड़ा अनुपात (12 प्रतिशत) अपने वेतन को अनुचित मानता है, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 9 प्रतिशत है।

उम्र के अनुसार वेतन असंतोष

भारत में वेतन असंतोष की स्थिति उम्र के साथ घटती है। 18 से 26 वर्ष के कर्मचारियों में यह असंतोष 13 प्रतिशत है, जबकि 55 वर्ष और उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों में यह मात्र 5 प्रतिशत है। यह वैश्विक प्रवृत्ति के विपरीत है, जो यह दर्शाता है कि वृद्ध कर्मचारी सामान्यतः अपने वेतन को अधिक उचित मानते हैं।

कार्मिक प्रबंधन की दृष्टि

ADP इंडिया और दक्षिण पूर्व एशिया के प्रबंध निदेशक राहुल गोयल ने कहा, “न्यायसंगत वेतन केवल एक वेतन बातचीत नहीं है; यह एक विश्वास की बातचीत है। जब कर्मचारी मानते हैं कि उन्हें उचित वेतन मिलता है, तो वे अधिक संलग्न, प्रेरित और वफादार होते हैं।”

भविष्य की दिशा: वेतन नीतियों का सुधार

भारत में वेतन समानता की भावना की प्रमुख स्थिति यह दर्शाती है कि समान वेतन प्रथाओं में प्रगति हो रही है। हालांकि, नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्याय केवल वेतन तक सीमित न हो, बल्कि इसमें अवसर, विकास और मान्यता भी शामिल होनी चाहिए। इससे दीर्घकालिक कर्मचारी संलग्नता को बढ़ावा मिलेगा।

वेतन समानता का वैश्विक परिप्रेक्ष्य

अक्टूबर में, वैश्विक पेरोल और अनुपालन प्लेटफॉर्म Deel ने यह कहा था कि भारत में पुरुषों और महिलाओं के लिए औसत वेतन लगभग समान है, जो $13,000 से $23,000 के बीच है। यह आंकड़ा “वेतन समानता की बढ़ती धारणा और डेटा-आधारित वेतन मॉडल के अपनाने” को दर्शाता है।

इस प्रकार, भारत में वेतन समानता की स्थिति सुधारित हो रही है, लेकिन इसे निरंतर बनाए रखने और सुधारने के लिए सभी संबंधित पक्षों को प्रयासरत रहना आवश्यक है।