Jailer: 84 साल की उम्र में असरानी का निधन, नहीं रहे ‘अंग्रेजों के जमाने के’

Summary

गोवर्धन असरानी का निधन: बॉलीवुड ने खोया एक महान कलाकार बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार गोवर्धन असरानी, जिन्हें प्यार से ‘असरानी’ के नाम से जाना जाता है, का सोमवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 84 साल थी। असरानी ने अपने करियर में अनेक हिट फिल्मों में काम किया, जो आज भी दर्शकों के दिलों में…

Jailer: 84 साल की उम्र में असरानी का निधन, नहीं रहे ‘अंग्रेजों के जमाने के’

गोवर्धन असरानी का निधन: बॉलीवुड ने खोया एक महान कलाकार

बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार गोवर्धन असरानी, जिन्हें प्यार से ‘असरानी’ के नाम से जाना जाता है, का सोमवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 84 साल थी। असरानी ने अपने करियर में अनेक हिट फिल्मों में काम किया, जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके निधन से फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है।

असरानी की फिल्मी यात्रा

असरानी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1960 के दशक में की थी और उन्होंने करीब चार दशकों तक फिल्म उद्योग में काम किया। उनकी फिल्में जैसे शोले, अभिमान, चुपके-चुपके, छोटी सी बात, और भूल भुलैया ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। फिल्म शोले में उनके द्वारा निभाए गए ‘अंग्रेजों के जमाने के जेलर’ का किरदार और उसका प्रसिद्ध डायलॉग आज भी लोगों की जुबां पर है।

असरानी का योगदान

असरानी ने न केवल गंभीर भूमिकाएं निभाई हैं, बल्कि उन्होंने हास्य किरदारों में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अदाकारी ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उनके अभिनय से दर्शकों को न केवल हंसने का मौका मिला, बल्कि उन्होंने कई सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उनकी फिल्मों ने भारतीय संस्कृति और समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया।

  • शोले (1975) – जिसमें असरानी के किरदार ने एक अद्भुत छाप छोड़ी।
  • अभिमान (1973) – जिसमें उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • चुपके-चुपके (1975) – उनकी कॉमेडी ने दर्शकों को हंसाया।
  • छोटी सी बात (1976) – एक रोमांटिक कॉमेडी में उनकी अदाकारी ने दिल जीते।
  • भूल भुलैया (2007) – जिसमें उनका योगदान भी सराहनीय रहा।

फिल्मी दुनिया में असरानी का स्थान

असरानी का नाम बॉलीवुड के उन महान कलाकारों में शामिल है जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से फिल्म उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कई युवा कलाकारों को प्रेरित किया और उनके अभिनय की शैली ने नई पीढ़ी को भी प्रभावित किया।

असरानी की यादें

उनके साथ बिताए गए समय और उनकी फिल्मों की यादें हमेशा जिंदा रहेंगी। असरानी का जीवन हमें यह सिखाता है कि मेहनत, समर्पण और प्रतिभा से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनके निधन से न केवल फिल्म उद्योग को बल्कि उनके फैंस को भी गहरा दुख हुआ है। उनकी अदाकारी और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

निष्कर्ष

गोवर्धन असरानी का निधन एक युग का अंत है। बॉलीवुड ने एक महान कलाकार को खो दिया है। उनकी फिल्में और किरदार हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे। हम सभी उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे। इस दुखद घड़ी में, हम उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।