रूपा गांगुली: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले अभिनेता पंकज धीर का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया। 68 वर्ष की उम्र में, उन्होंने कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पंकज धीर का निधन उनके सह-कलाकारों और प्रशंसकों के लिए शोक का विषय बना हुआ है। खासकर, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में इस दुखद खबर को साझा किया, जिसे उन्हें उनके सह-कलाकार नितीश भारद्वाज ने बताया।
मेरे सबसे हैंडसम दोस्त का जाना
रूपा गांगुली ने कहा, “मैं यह सोच भी नहीं सकती कि इतनी कम उम्र में वह हमसे दूर चले गए। यह मेरे लिए बहुत दुखद है और मैं नहीं जानती कि क्या कहूं। मैंने पंकज से लगभग एक साल पहले टेक्स्ट के जरिए बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने कभी अपनी बीमारी के बारे में नहीं बताया। हर बार मैं उन्हें टेक्स्ट भेजती थी और कहती, ‘मेरे सबसे हैंडसम दोस्त’। वह हमेशा शिष्ट और शांत स्वभाव के थे। जबकि पुणित इस्सर और फिरोज खान कभी-कभी शरारती रहते थे, पंकज हमेशा एक स्थिर और रिजर्व्ड व्यक्ति रहे।”
पंकज धीर से टेक्स्ट पर बातचीत का अनुभव
रूपा ने आगे कहा कि उन्होंने आखिरी बार पंकज को कई साल पहले मुंबई में देखा था। कभी-कभी वह उनसे मिल पाती थीं, लेकिन टेक्स्ट के माध्यम से उनका संपर्क हमेशा बना रहा। महाभारत में कर्ण का किरदार निभाने वाले पंकज धीर को उनके अन्य कार्यों के लिए भी याद किया जाता है। उन्हें 1994 से 1996 के बीच प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ में राजा शिवदत्त की भूमिका के लिए भी जाना जाता है। हाल के वर्षों में, पंकज धीर कई अन्य टेलीविजन धारावाहिकों में भी दिखाई दिए, जिनमें ‘तीन बहुरानियां’, ‘राजा की आएगी बारात’, ‘रंग बदलती ओढ़नी’ और ‘ससुराल सिमर का’ शामिल हैं।
पंकज धीर की फिल्मी यात्रा
पंकज धीर का करियर न केवल टेलीविजन तक सीमित था, बल्कि उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया। उनके अभिनय की गहराई और विविधता ने उन्हें विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभाने में सक्षम बनाया। उनकी पहचान एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेता के रूप में बनी रही, जिसने भारतीय टेलीविजन को कई यादगार पल दिए। उनके प्रशंसकों के लिए उनका काम हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
समाज में उनकी छवि
पंकज धीर को उनके समर्पण और पेशेवरता के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने अपने अभिनय से न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि अपने सह-कलाकारों के बीच भी एक विशेष स्थान बनाया। उनकी शांति और सौम्यता ने उन्हें एक आदर्श साथी बना दिया। इस प्रकार, उनके निधन ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे टेलीविजन उद्योग को गहरे शोक में डाल दिया है।
अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि
पंकज धीर के निधन के बाद, उनके योगदान को याद करते हुए कई लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। उनके फैंस और सह-कलाकारों ने उनके साथ बिताए गए समय को याद किया और उनकी यादों को ताजा किया। यह एक युग का अंत है, जिसमें पंकज धीर ने अपने अभिनय से एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी यादें और काम हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।
पंकज धीर का निधन एक ऐसे अभिनेता की कमी को दर्शाता है, जिसने भारतीय टेलीविजन में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके बिना यह उद्योग पहले जैसा नहीं रहेगा। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।





