इंफोसिस का तिमाही लाभ: 13 प्रतिशत की वृद्धि
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के लिए अपने समेकित शुद्ध लाभ की घोषणा की है, जो 7,364 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही (Q2 FY25) में कंपनी का शुद्ध लाभ 6,506 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, पिछले तिमाही (Q1 FY26) की तुलना में यह लाभ लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,921 करोड़ रुपये से बढ़ा है।
राजस्व में वृद्धि और डिविडेंड की घोषणा
इंफोसिस ने जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही के लिए अपने संचालन से प्राप्त राजस्व में 3,504 करोड़ रुपये की वृद्धि की सूचना दी है, जो 44,490 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 40,986 करोड़ रुपये था। साथ ही, कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 23 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड दिनांक 27 अक्टूबर होगा।
बोर्ड की बैठक और अधिग्रहण की जानकारी
कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 15-16 अक्टूबर को हुई बोर्ड की बैठक में 23 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश मंजूर किया गया। इस लाभांश का भुगतान 7 नवंबर 2025 को किया जाएगा। इसके साथ ही, इंफोसिस की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, इंफोसिस सिंगापुर पीटीई. लिमिटेड, ने टेलस्ट्रा पर्पल पीटीवाई लिमिटेड में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक निश्चित समझौता किया है, जिसमें कुछ उपसहायक कंपनियाँ भी शामिल हैं। यह कंपनी ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधान प्रदाता है।
प्रबंधन के बयान और एआई में निवेश
इंफोसिस के प्रबंध निदेशक और सीईओ सलिल पारेख ने कहा, “हमने अब लगातार दो तिमाहियों में मजबूत वृद्धि प्रदान की है, जो हमारे अद्वितीय बाजार स्थान और ग्राहकों की प्रासंगिकता को दर्शाता है। दूसरी तिमाही में 67 प्रतिशत नए सौदों की जीत हमारे ग्राहकों की प्राथमिकताओं को समझने और इस वातावरण में एआई से मूल्य प्रदान करने की हमारी क्षमता को दर्शाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे द्वारा पिछले तीन वर्षों में एआई-प्रथम संस्कृति को अपनाने में की गई सक्रिय निवेशों ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे लोग मानव+एआई कार्यस्थल में फल-फूल सकें। इंफोसिस टोपाज़ का विशेष मूल्य प्रस्ताव हर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर मूल्य को अनलॉक कर रहा है।”
भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ
इंफोसिस की इस तिमाही के परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी ने न केवल अपने राजस्व को बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है, बल्कि उसने अपने निवेशकों को भी लाभांश देने की योजना बनाई है। हालांकि, टेक्नोलॉजी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है, जिससे भविष्य में नई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर बढ़ती हुई निर्भरता से इंफोसिस को और भी अधिक अवसर मिल सकते हैं। लेकिन इसके लिए कंपनी को अपनी नवाचार क्षमता को बनाए रखते हुए अपने कामकाजी मॉडल को और अधिक उन्नत बनाना होगा।
निष्कर्ष
इंफोसिस के तिमाही परिणामों ने साबित कर दिया है कि कंपनी अपने बाजार में मजबूत स्थिति बनाए रखे हुए है। इसके साथ ही, कंपनी के भविष्य के विकास के लिए एआई और डिजिटल तकनीकों में निवेश एक महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि इंफोसिस अपनी लाभप्रदता और विकास को किस तरह बनाए रखता है।





