Travel: बारिश में होटल बुकिंग का प्लान है? नुकसान से बचने के लिए यह जरूर पढ़ें

Summary

ग्वालियर। मानसून का सुहावना मौसम शुरू होते ही लोग परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद लेने के लिए पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं। लेकिन इस बीच ग्वालियर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने ऑनलाइन होटल बुकिंग करने वाले पर्यटकों की नींद उड़ा दी है। दिल्ली और आगरा घूमने का सपना…

ग्वालियर में ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: सेना अधिकारी की पत्नी से ठगे 50 हजार रुपये

ग्वालियर। मानसून का सुहावना मौसम शुरू होते ही लोग परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद लेने के लिए पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं। लेकिन इस बीच ग्वालियर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने ऑनलाइन होटल बुकिंग करने वाले पर्यटकों की नींद उड़ा दी है। दिल्ली और आगरा घूमने का सपना संजोए बैठी एक सेना अधिकारी की पत्नी को ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर करीब 50 हजार रुपये का चूना लगा दिया गया। साइबर ठगों ने बड़ी ही चालाकी से खुद को नामी होटल का मैनेजर बताकर पीड़िता को अपने जाल में फंसाया और ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

यह पूरा मामला ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र स्थित एसबी कॉलोनी का है। पीड़िता जूही पाण्डेय ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने परिवार के साथ दिल्ली और आगरा की यात्रा की योजना बनाई थी। यात्रा के दौरान ठहरने के लिए उन्होंने गूगल पर अच्छे होटलों की तलाश शुरू की। सर्च के दौरान उन्हें “कोर्टयार्ड बाय मेरियट” होटल की एक वेबसाइट दिखाई दी, जो बिल्कुल असली लग रही थी। वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया, तो दूसरी तरफ से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को होटल का मैनेजर ‘हरीश अग्रवाल’ बताया।

यह भी पढ़ेंWaqf: वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का विरोध, शहर काजी ने जताई नाराजगी

यह भी पढ़ेंAccident: नर्मदा पुल से नदी में कूदा युवक, लाइव वीडियो वायरल

यह भी पढ़ेंMP News:कटनी में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत, दोनों हाथों पर मिले इंजेक्शन के निशान, 18 दिन बाद भी सेजल की मौत का रहस्य बरकरार

ठगी का जाल: कैसे दिया वारदात को अंजाम

ठग ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए होटल की सुविधाओं और बुकिंग के नियमों का हवाला दिया। उसने पांच दिनों की होटल बुकिंग के लिए कुल 50,090 रुपये की मांग की। पीड़िता ने जब भुगतान की प्रक्रिया पूछी, तो आरोपी ने बुकिंग कन्फर्म करने का झांसा देते हुए उन्हें अलग-अलग यूपीआई आईडी (UPI ID) भेजीं। आरोपी के विश्वास दिलाने के बाद जूही पाण्डेय ने एक-एक करके तीन किस्तों में कुल 50,090 रुपये का भुगतान कर दिया।

जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, ठग का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। जब पीड़िता ने बुकिंग कन्फर्मेशन रसीद की मांग की, तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी। कुछ ही पलों में आरोपी ने पीड़िता का नंबर अपने मोबाइल से ब्लॉक कर दिया। किसी अनहोनी का अंदेशा होने पर जब पीड़िता ने होटल के आधिकारिक नंबर पर कॉल कर वास्तविकता पता की, तो उनके होश उड़ गए। होटल प्रबंधन ने साफ किया कि न तो कोई बुकिंग हुई है और न ही वह वेबसाइट होटल की आधिकारिक साइट है। तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगों का शिकार हो चुकी हैं।

पुलिस की जांच और आम जनता के लिए चेतावनी

पीड़िता की शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जांच कर रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल युग में ठगों के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिनसे बचने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है।

ऑनलाइन बुकिंग करते समय इन बातों का रखें खास ख्याल:

  • आधिकारिक वेबसाइट: हमेशा होटल की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी सर्च इंजन पर दिखाई देने वाले पहले लिंक पर आँख मूंदकर भरोसा न करें।
  • यूआरएल (URL) की जांच: वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से देखें। ठग अक्सर मिलते-जुलते नाम वाली फेक वेबसाइट बनाते हैं, जिसमें स्पेलिंग की मामूली गलतियां होती हैं।
  • पेमेंट का तरीका: होटल की बुकिंग के लिए हमेशा होटल के अधिकृत पेमेंट गेटवे का उपयोग करें। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई पर्सनल यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
  • सत्यापन: बुकिंग करने से पहले होटल के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके वेबसाइट और बुकिंग की पुष्टि जरूर कर लें।
  • संदेहास्पद व्यवहार: यदि कोई व्यक्ति आपको बुकिंग के लिए बार-बार दबाव बनाए या केवल पर्सनल यूपीआई नंबर पर पैसे मांगे, तो समझ लें कि यह ठगी हो सकती है।

ग्वालियर पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक डिटेल्स साझा न करें और न ही संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करें। यदि किसी के साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या अपने नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते पैसे की रिकवरी की जा सके और ठगों को पकड़ा जा सके।