‘चोरी छिपाएंगे या जांच कराएंगे?’ – राम मंदिर चढ़ावे के विवाद पर अजय राय ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, उठाई बड़ी मांग

Summary

सतीश सिंह, लखनऊ: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने मंदिर के चढ़ावे और कथित वित्तीय गड़बड़ियों के…

सतीश सिंह, लखनऊ: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने मंदिर के चढ़ावे और कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

अजय राय ने साफ शब्दों में कहा कि राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है. ऐसे में मंदिर के पैसे से जुड़े किसी भी विवाद पर पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी बेहद जरूरी है.

‘सवालों के जवाब देने के बजाय आरोप लगाने वालों को घेरा जा रहा है’

अजय राय ने अपने पत्र में सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • संदेह का माहौल: पिछले कुछ दिनों में मंदिर के चढ़ावे, उसके लेखा-जोखा (अकाउंट्स) और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर जो गंभीर सवाल उठे हैं, उन पर सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं आया है.
  • तथ्यों को छिपाने की कोशिश: सरकार के कुछ प्रतिनिधि और जिम्मेदार लोग असल मुद्दों पर बात करने और तथ्यों को साफ करने के बजाय, उल्टा आरोप लगाने वालों पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे देश के श्रद्धालुओं के मन में शक पैदा हो रहा है.

कांग्रेस की प्रधानमंत्री से बड़ी मांगें:

अजय राय ने प्रधानमंत्री मोदी से इस पूरे मामले में दखल देने की अपील करते हुए कुछ प्रमुख मांगें सामने रखी हैं:

  • फॉरेंसिक ऑडिट हो: मंदिर के चढ़ावे, हर तरह के लेखा-जोखा और सभी वित्तीय लेन-देन की एक स्वतंत्र एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) और वित्तीय जांच कराई जाए.
  • दोषियों पर हो सख्त एक्शन: यदि जांच में किसी भी तरह की हेराफेरी या अनियमितता सामने आती है, तो चाहे वह कोई बड़ा अधिकारी हो या संस्था, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
  • जवाबदेही तय हो: ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ और इससे जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. अजय राय ने सवाल उठाया कि अगर किसी अधिकारी को इस गड़बड़ी की जानकारी पहले से थी, तो उसने अब तक एक्शन क्यों नहीं लिया? और अगर लापरवाही हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन है?

‘राम मंदिर किसी राजनीतिक दल का नहीं, पूरे राष्ट्र का है’

पत्र के आखिरी हिस्से में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एक बड़ी बात कही. उन्होंने लिखा कि राम मंदिर किसी एक राजनीतिक दल या संगठन की बपौती नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र की आस्था का प्रतीक है. इसलिए इस पूरे संवेदनशील मामले को राजनीति के चश्मे से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए.

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मंदिर की पवित्र गरिमा, करोड़ों रामभक्तों के भरोसे और सार्वजनिक पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए तुरंत इस मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाएं.