उत्तर प्रदेश समाचार: अधेड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला
संवाद सूत्र, बेलीपार। उत्तर प्रदेश के बेलीपार क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। चार दिन पहले घर से बाहर निकले एक अधेड़ व्यक्ति का शव गीडा थाना क्षेत्र के डेहरा गांव की झाड़ियों में पाया गया। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान बेलीपार थाना क्षेत्र के सेवई निवासी रामकृपाल के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह मामापार में अपने पट्टीदार की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए घर से निकले थे।
घटनास्थल पर पहुंचे रामकृपाल के स्वजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ कोई गलत हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। डेहरा के ग्रामीणों के अनुसार, शव मिलने की सूचना के बाद सुबह करीब आठ बजे झाड़ियों में औंधे मुंह पड़े व्यक्ति को देखकर उन्हें लगा कि कोई बेहोश है। लेकिन जब नजदीक जाकर देखा गया, तो मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद इसकी सूचना तुरंत गीडा पुलिस को दी गई।
स्वजन की प्रतिक्रिया और पुलिस की जांच
पुलिस द्वारा शव की पहचान के बाद स्वजन की हालत देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। रामकृपाल के परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए। मृतक के परिवार ने बताया कि रामकृपाल रविवार को सब्जी खरीदकर घर लौटे थे और शाम करीब छह बजे वे शादी समारोह में जाने के लिए निकले थे। लेकिन, वे न तो उस विवाह समारोह में पहुंचे और न ही रात में घर लौटे। चार दिनों तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे परिवार में चिंता बढ़ गई थी।
सूत्रों के अनुसार, रामकृपाल का मोबाइल फोन भी बंद था और परिवार को उनकी किसी भी गतिविधि की कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। बुधवार सुबह शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। रामकृपाल ने वर्ष 2020 में ग्राम प्रधानी के चुनाव में भी हिस्सा लिया था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके तीन बेटे हैं – रामआशीष पाल, रामसिंह पाल और जासिंह पाल।
मामले की गंभीरता और आगे की कार्रवाई
रामकृपाल के तीनों बेटों ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की हत्या कर शव को फेंका गया है। थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसके अलावा, घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरे का फुटेज भी खंगाला जा रहा है ताकि इस मामले के संदर्भ में कोई ठोस सबूत मिल सके। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस घटना ने न केवल रामकृपाल के परिवार को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता भी पैदा कर दी है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
समुदाय की प्रतिक्रिया और सुरक्षा मुद्दे
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना को बढ़ा रही हैं। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि वे ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब यह देखना है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और कब तक आरोपियों को पकड़ा जा सकेगा।
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कुल मिलाकर, यह मामला न केवल रामकृपाल के परिवार के लिए एक त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें अपने आसपास की घटनाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





