उत्तर प्रदेश: बहराइच में भेड़िया का आतंक जारी
जागरण संवाददाता, बहराइच। तराई क्षेत्र के बहराइच जिले में भेड़िया के आतंक ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल रखा है। हाल ही में हुए हमलों में दो बच्चों की जान चली गई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। पिछले तीन महीनों में भेड़िया के हमलों में 30 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इस बढ़ते आतंक ने क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया है।
स्थानीय निवासी शेषराज ने पुलिस को तहरीर दी है कि उसकी बहन रमा देवी अपनी 10 महीने की बेटी सुनीता के साथ मायके आई थी। शुक्रवार की रात, रमा देवी अपने घर के आंगन में चारपाई पर सोई हुई थी, तभी भेड़िया ने उसकी बेटी को उठा लिया। जब परिवार के लोग चिल्लाने की आवाज सुनकर जागे, तब तक भेड़िया बच्ची को ले जा चुका था। हालांकि, परिवार वालों ने भेड़िया का पीछा किया, लेकिन वह गन्ने के खेत में भाग निकला। काफी समय बाद, बच्ची का क्षत-विक्षत शव गांव निवासी सत्यराम के खेत में मिला।
भेड़िया के हमले से गहराता संकट
इसी तरह की एक और घटना में, कैसरगंज इलाके के ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर तीन में, एक पांच वर्षीय बालक स्टार को भेड़िया ने दबोच लिया। जब ग्रामीणों ने घेराबंदी की, तब भेड़िया बालक को गन्ने के खेत में छोड़कर भाग गया। लेकिन बालक के दोनों हाथों को भेड़िया ने चबा लिया था। गंभीर हालत में उसे सीएचसी से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि उसे लखनऊ भेजा गया। लखनऊ जाते समय बालक की मौत हो गई।
इस बढ़ते आतंक को देखते हुए बहराइच के डीएफओ आरएस यादव ने जानकारी दी कि वन विभाग की 28 टीमें भेड़िया की तलाश में जुटी हुई हैं। साथ ही, ड्रोन कैमरों के माध्यम से इलाके की निगरानी की जा रही है। वन विभाग के प्रयासों के बावजूद भेड़िया का आतंक खत्म होता नहीं दिख रहा है।
भेड़िया के हमले में हुई मौतों का विस्तृत विवरण
- 10 सितंबर: मंझारा तौकली के परागपुर निवासी चार वर्षीय ज्योति की मौत
- 12 सितंबर: भौरी के बहोरवा निवासी चार वर्षीय संध्या की मौत
- 20 सितंबर: मंझारा तौकली के गंदूझाला निवासी तीन वर्षीय अंकेश की मौत
- 24 सितंबर: मंझारा तौकली दो वर्षीय सोनी की मौत
- 30 सितंबर: प्यारे पुरवा निवासी 70 वर्षीय खेदन और उनकी पत्नी मनकी की मौत
- 02 नवंबर: कंदौली गांव निवासी दो साल की सानवी की मौत
- 13 नवंबर: कैसरगंज के गोडहिया नंबर-3 नया लोधन पुरवा गांव निवासी जाह्नवी की मौत
- 28 नवंबर: ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर तीन के मजरा मल्लाहनपुरवा निवासी पांच वर्षीय स्टार की मौत
- 29 नवंबर: खोरिया शरीफ गांव निवासी 10 माह की सुनीता की मौत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि भेड़िया के हमलों ने न केवल उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि उनके रोजमर्रा के जीवन को भी प्रभावित किया है। बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर रहे हैं। इस संदर्भ में, स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि इस संकट से निपटा जा सके और लोगों को सुरक्षा का एहसास दिलाया जा सके।
आसपास के गाँवों में यह समस्या गंभीर होती जा रही है। लोग अपने बच्चों को बाहर खेलने के लिए नहीं भेज रहे हैं और रात में घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने भी प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करें और भेड़िया के आतंक को खत्म करने के लिए ठोस उपाय करें।
भले ही वन विभाग की टीमें तलाशी में लगी हुई हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों को अब भी चिंता है कि भेड़िया फिर से हमला कर सकता है। इस संकट के समाधान के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। आशा है कि प्रशासन इस दिशा में काम करेगा ताकि लोगों को राहत मिल सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
