Event: देवरिया में प्रतिनिधियों ने दिल्ली की दावत में संभाली कुर्सियां

उत्तर प्रदेश: देवरिया में दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से उभरा संकट सुधांशु त्रिपाठी, देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हाल ही में आयोजित दिशा की बैठक में कई माननीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने विकास कार्यों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में आयोजित…

Event: देवरिया में प्रतिनिधियों ने दिल्ली की दावत में संभाली कुर्सियां

उत्तर प्रदेश: देवरिया में दिशा की बैठक में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से उभरा संकट

सुधांशु त्रिपाठी, देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हाल ही में आयोजित दिशा की बैठक में कई माननीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने विकास कार्यों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में आयोजित एक विशेष दावत ने इस बैठक को प्रभावित किया, जिसमें भाजपा से जुड़े सांसदों, विधायकों और एमएलसी को आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अधिकतर जनप्रतिनिधि देवरिया नहीं लौट सके, जिससे बैठक में चर्चा का स्तर कम हो गया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, सदर विधायक डा. शलभ मणि त्रिपाठी, रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद, रामपुर कारखाना विधायक सुरेंद्र चौरसिया, भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर तथा एमएलसी डा. रतनपाल सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी और देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके।

दिशा की बैठक: विकास योजनाओं की समीक्षा का प्रमुख मंच

दिशा की बैठक को सरकारी योजनाओं की प्रगति, विभागीय रिपोर्टों की समीक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा का प्रमुख मंच माना जाता है। इस बार जनप्रतिनिधियों की कमी ने इस मंच की प्रभावशीलता को कम कर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, लेकिन कई विभागों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों को भी सामने रखा।

अधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समाधान और बेहतर निर्देश मिलते हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आती है। लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे की दिशा तय नहीं हो सकी। भाजपा नेताओं ने बताया कि बिहार चुनाव में राजग की जीत के बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से आयोजित दावत में शामिल होने की मजबूरी के चलते जनप्रतिनिधि दिल्ली गए थे।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के कारण

  • सभाकुंवर, विधायक भाटपाररानी: “मैं इस समय लखनऊ में हूं। परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम के कारण व्यस्त हूं। इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो सका।”
  • देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी: “आज मैं दिल्ली हूं। नेताओं से भेंट मुलाकात करने के लिए आया था। इसलिए बैठक में शामिल नहीं हो सका।”
  • रतनपाल सिंह, एमएलसी: “राजस्व परिषद की एक आवश्यक मीटिंग में लखनऊ हूं। इस कारण से दिशा की बैठक में नहीं आ सका। मेरे प्रतिनिधि बैठक में गए थे।”
  • ध्रुव कुमार त्रिपाठी, एमएलसी: “इस समय लगन में व्यस्तता के कारण देवरिया में आयोजित दिशा की बैठक में नहीं आ सका। मेरे प्रतिनिधि के रूप में अवधेश सिंह गए थे।”

इस प्रकार, इस बैठक में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने विकास कार्यों की प्रगति में बाधा उत्पन्न की है। बैठक के आयोजकों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया था कि सभी जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें, लेकिन कुछ के बाहरी कारणों के चलते यह संभव नहीं हो सका। अधिकारियों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है, जो कि इस बार नहीं हो पाई।

भविष्य की चुनौतियां और समाधान

दिशा की बैठक में चर्चा के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला, जिनमें योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियां शामिल थीं। जनप्रतिनिधियों के अभाव में इन समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों को इस तरह की बैठकों में नियमित रूप से शामिल होना चाहिए ताकि विकास कार्यों में गति बनी रहे।

युवाओं और आम जनता की आकांक्षाओं को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि विकास योजनाएं समय पर पूरी हों। अधिकारियों ने आगे कहा कि भविष्य में ऐसी समस्याओं को टालने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और विकास कार्यों में योगदान दे सकें।

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उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी बैठकों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे और जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके।

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