उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना का विशेष अभियान: 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना के अंतर्गत एक विशेष अभियान का आयोजन किया जा रहा है, जो 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंत्योदन राशन कार्ड धारक पात्र लाभार्थियों के घर जाकर उनके लिए कार्ड बनाना है। इस प्रयास से उन परिवारों की पहचान की जाएगी जो अभी तक इस योजना से जुड़े नहीं हैं, ताकि उन्हें पांच लाख रुपये तक की निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इस विशेष अभियान में निर्माण श्रमिकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के लिए भी आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।
आयुष्मान योजना के तहत लक्षित लाभार्थियों की संख्या
प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) के आंकड़ों के साथ-साथ अंत्योदय कार्ड धारकों के लिए 41 लाख, निर्माण श्रमिकों के लिए 13 लाख, आशा कार्यकर्ताओं के लिए 1.43 लाख और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायकों के लिए 1.93 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि सभी पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
अंत्योदय कार्ड धारकों की स्थिति
अंत्योदय कार्ड धारकों में से लगभग 93 प्रतिशत परिवारों को पहले ही योजना का लाभ मिल चुका है। शेष 7 प्रतिशत (लगभग 2.87 लाख) परिवारों से इस अभियान के दौरान संपर्क किया जाएगा। इसी तरह, 13 लाख निर्माण श्रमिकों में से 95 प्रतिशत परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है। इस अभियान का उद्देश्य इन बचे हुए 5 प्रतिशत (लगभग 65 हजार) श्रमिकों को योजना से जोड़ना है। इस प्रक्रिया में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान
इस विशेष अभियान में 75 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ताओं और लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के लिए भी कार्ड बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के कार्ड भी बनाए जाएंगे। इस योजना में शामिल होने के लिए वरिष्ठ नागरिक अपने आधार कार्ड के माध्यम से किसी भी अस्पताल या आयुष्मान योजना के एप्लिकेशन से कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कार्ड बनाने की प्रक्रिया और आवेदन के तरीके
लाभार्थी आयुष्मान योजना की वेबसाइट, एप या राशन कोटेदार के माध्यम से कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, आशा कार्यकर्ता पंचायत सहायक के माध्यम से घर जाकर भी कार्ड बनाएंगे। जिन लाभार्थियों के नाम एसईसीसी, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी अंत्योदय कार्ड धारकों की सूची, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड या आशाओं के उपलब्ध डाटा में मौजूद हैं, उनके कार्ड एप से बन जाएंगे।
ऐसे पात्र लाभार्थी जिनका नाम डाटा में है लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड नहीं बन रहा है, उन्हें साचीज कार्यालय से जांच के बाद कार्ड जारी किए जाएंगे। इस संबंध में अर्चना वर्मा, सीईओ, साचीज ने कहा है कि यह अभियान सभी पात्र लाभार्थियों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की आयुष्मान योजना का यह विशेष अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ पहुंचाने में भी सहायक साबित होगा। यह योजना सभी समाज के वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने का एक मजबूत प्रयास है और इसे सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है।





