हिंदू पंचांग के अनुसार, आंवला नवमी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास होता है। अगर इस दिन आंवले के पेड़ की विधिपूर्वक पूजा की जाए तो भक्तों को सौभाग्य, सुख, और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस वर्ष, आंवला नवमी 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन चंद्र ग्रह का गोचर भी हो रहा है। इस संदर्भ में, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी और बेस्ट रेमिडल एस्ट्रोलॉजर ऑफ द ईयर 2021 के विजेता, ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से बात की गई। पंडित सौरभ का कहना है कि चंद्रमा का राशि परिवर्तन सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
इस परिवर्तन का प्रभाव अच्छा होगा या बुरा, इस पर पंडित सौरभ आगे जानकारी देते हैं। इसके साथ ही, वे आंवला नवमी के दिन चंद्र ग्रह के गोचर के प्रभावों पर भी चर्चा करेंगे।
चंद्र ग्रह के गोचर का समय
चंद्रमा 31 अक्टूबर को शुक्रवार के दिन सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा दो दिनों तक कुंभ राशि में रहेंगे और उसके बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के इस राशि परिवर्तन का कई राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
आंवला नवमी और चंद्र गोचर का ज्योतिषीय महत्व
आंवला नवमी के दिन चंद्र गोचर का संयोग एक विशेष घटना है। इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ भक्तों को विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को हजार गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। पंडित सौरभ का कहना है, “चंद्रमा मन का कारक होता है। 31 अक्टूबर को चंद्रमा मकर राशि से कुंभ में जा रहा है। इस राशि परिवर्तन से विशेष रूप से दो राशियों को लाभ होने वाला है।”
इस दिन की पूजा और व्रत का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ज्योतिषीय भी है। चंद्रमा की स्थिति मन की स्थिरता और मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण होती है। आंवला नवमी पर चंद्रमा का गोचर भक्तों के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है।
आंवला नवमी और चंद्र गोचर का यह संयोग भक्तों के लिए कई प्रकार के लाभ लेकर आ सकता है। इस दिन विशेष रूप से पूजा और व्रत का आयोजन करने से जीवन में सुख-संपत्ति की वृद्धि हो सकती है। यदि आप भी इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करते हैं, तो आपको अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
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