सतना कलेक्ट्रेट में बड़ी सेंध: सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर दिनदहाड़े उड़ी कर्मचारी की स्कूटी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर, जिसे जिले का सबसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाका माना जाता है, वहां से चोरी की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। प्रशासनिक कार्यों के मुख्य केंद्र और आला अधिकारियों की मौजूदगी वाले इस परिसर में दिनदहाड़े एक शासकीय कर्मचारी की स्कूटी चोरी हो गई। इस घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख दी है। इस दुस्साहसी वारदात के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला रघुराजनगर ग्रामीण शाखा के एसडीएम कार्यालय से जुड़ा हुआ है। कलेक्ट्रेट में तैनात बाबू शिवांक त्रिपाठी रोजाना की तरह अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए दफ्तर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी स्कूटी (क्रमांक MP 19 MJ 9952) को निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ा किया था। लेकिन जब वह दोपहर के समय अपने जरूरी कार्यों को निपटाकर वापस लौटे, तो पार्किंग स्थल से उनकी स्कूटी गायब थी। अपनी गाड़ी को वहां न पाकर वह स्तब्ध रह गए और तत्काल इसकी सूचना अन्य अधिकारियों को दी।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई शातिर चोर की हरकत
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में जो कुछ भी सामने आया, उसने सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ा दिए। वीडियो में एक अज्ञात युवक बेखौफ अंदाज में आता दिखाई दे रहा है। शातिर चोर ने बड़े ही पेशेवर तरीके से स्कूटी का लॉक तोड़ा और चंद मिनटों के भीतर उसे लेकर चंपत हो गया। जिस तरह से उसने भीड़भाड़ वाले इलाके में इस वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ जाहिर होता है कि आरोपी को सुरक्षा व्यवस्था और परिसर के रास्तों की पूरी जानकारी थी।
घटना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, रघुराजनगर ग्रामीण शाखा, सतना।
- वाहन का विवरण: स्कूटी क्रमांक MP 19 MJ 9952।
- वारदात का समय: दिन के उजाले में दोपहर के समय।
- सुरक्षा चूक: सीसीटीवी फुटेज में चोर की स्पष्ट तस्वीर कैद होने के बावजूद वह आसानी से फरार हो गया।
- पुलिस कार्रवाई: पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
कलेक्ट्रेट परिसर वह स्थान है जहां जिले के कलेक्टर, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर होते हैं। यहां हर समय सुरक्षाकर्मियों का पहरा रहता है और आम लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में दिनदहाड़े गाड़ी चोरी हो जाना यह दर्शाता है कि चोरों के हौसले कितने बुलंद हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि जिले के सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले स्थान पर ही गाड़ियां सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। इस घटना के बाद से कलेक्ट्रेट आने वाले कर्मचारियों में अपनी गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता बनी हुई है।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई है। पीड़ित कर्मचारी शिवांक त्रिपाठी की शिकायत पर संबंधित थाने में चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है और चोर की पहचान करने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस का दावा है कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, इस चोरी की वारदात ने प्रशासन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है।
