Bus Fire में दो मजदूरों की मौत, 12 घायल मनोहरपुर में

जयपुर में बस आग लगने से दो श्रमिकों की मौत, 12 घायल जयपुर में श्रमिकों की बस में आग लगने से दो की मौत राजस्थान के जयपुर में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना घटी, जिसमें एक बस में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत हो गई और कम से कम 12 अन्य लोग घायल…

Bus Fire में दो मजदूरों की मौत, 12 घायल मनोहरपुर में



जयपुर में बस आग लगने से दो श्रमिकों की मौत, 12 घायल

जयपुर में श्रमिकों की बस में आग लगने से दो की मौत

राजस्थान के जयपुर में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना घटी, जिसमें एक बस में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत हो गई और कम से कम 12 अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना मनोहरपुर क्षेत्र में हुई जब श्रमिक एक निर्माण स्थल की ओर जा रहे थे। स्थानीय निवासियों और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आग पर काबू पा लिया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अधिकारियों ने इस दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

दुर्घटना का विवरण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बस श्रमिकों को टोडी गांव में एक ईंट भट्ठी की ओर ले जा रही थी, जब यह दुर्घटना भट्ठी स्थल के पास हुई। घटना के तुरंत बाद, बस आग की चपेट में आ गई, जिससे कई यात्री अंदर फंस गए। जब तक बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक कई श्रमिकों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया।

घायलों की स्थिति और बचाव कार्य

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने बताया कि घायलों को जल्दी ही बचाया गया और उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। जिन पांच श्रमिकों को गंभीर चोटें आई थीं, उन्हें बाद में जयपुर के लिए रेफर किया गया, जबकि अन्य का इलाज शाहपुरा उप-जिला अस्पताल में चल रहा है। मनोहरपुर पुलिस ने रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

अधिकारियों की जांच जारी

इस घटना के बारे में और जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है, क्योंकि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं और इसके लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

अन्य दुर्घटनाओं का संदर्भ

इससे पहले, इस सप्ताह आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में एक निजी बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई थी और 12 अन्य घायल हुए थे। यह दुर्घटना रात के समय चिन्नातेकुर गांव के पास हुई थी। बस एक विशाल आग की लपटों में बदल गई थी। यह घटना 3:30 बजे के आसपास हुई थी।

इस प्रकार की घटनाएं न केवल श्रमिकों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।