कवर्धा में गरजे डॉ. रमन सिंह: कार्यकर्ताओं से बोले- ‘पद की चिंता छोड़ें, संगठन की मजबूती के लिए करें काम’
कवर्धा: छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कवर्धा में भाजपा जिला कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कार्यकर्ताओं को जीत का नया मंत्र दिया। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने न केवल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा, बल्कि पार्टी के भीतर अनुशासन और समर्पण का पाठ भी पढ़ाया। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि अब समय एकजुट होकर काम करने का है, न कि व्यक्तिगत आकांक्षाओं को प्राथमिकता देने का।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल के ढाई साल सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और अब केवल ढाई साल का महत्वपूर्ण समय शेष है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस समय का सदुपयोग करें और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दें। उनका साफ कहना था कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में प्रदेश को जिस तरह से बदनाम किया था, उसे दोबारा सत्ता में आने का मौका किसी भी सूरत में नहीं देना है।
यह भी पढ़ें– Protest: छत्तीसगढ़ में बेदखली के खिलाफ कांग्रेस का माना थाना घेराव, FIR की मांग
यह भी पढ़ें– Fraud: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों से करोड़ों की ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार
यह भी पढ़ें– Crime: आकाश कश्यप हत्याकांड का खुलासा, नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार
पद की अपेक्षा नहीं, सेवा की भावना रखें कार्यकर्ता
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमन सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चल रही पद की चर्चाओं पर भी विराम लगा दिया। उन्होंने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में संगठन के सभी राजनीतिक और संगठनात्मक पद भर दिए गए हैं। ऐसे में किसी भी कार्यकर्ता को पद न मिलने पर मायूस होने या मनमुटाव रखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी एक अनुशासित परिवार है और नेतृत्व समय आने पर हर सक्रिय कार्यकर्ता की योग्यता को पहचानकर उसे जिम्मेदारी देता है।
डॉ. रमन सिंह ने अपने चार दशक लंबे राजनीतिक सफर की याद दिलाते हुए कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अपने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कभी भी किसी पद की मांग नहीं की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि वे पद के पीछे भागने के बजाय संगठन की मजबूती को सर्वोपरि रखें। उनका मानना है कि यदि कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे, तो पार्टी और प्रदेश दोनों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
भाजपा की कार्ययोजना और भविष्य की राह
डॉ. रमन सिंह के इस दौरे और उनके संदेश के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया:
- संगठन की एकजुटता: कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेद भुलाकर केवल कमल के निशान को मजबूत करने के लिए काम करना होगा।
- सरकार की उपलब्धियां: पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखना।
- अनुशासन सर्वोपरि: पार्टी नेतृत्व के हर फैसले का सम्मान करना और संगठन के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखना।
- विपक्ष को जवाब: कांग्रेस के आरोपों और दुष्प्रचार का तार्किक और जमीनी स्तर पर मजबूती से जवाब देना।
यह कार्यक्रम न केवल एक कार्यालय का उद्घाटन था, बल्कि भाजपा की आगामी चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने की एक बड़ी कवायद भी माना जा रहा है। डॉ. रमन सिंह की मौजूदगी ने कवर्धा के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में भाजपा का यह जमीनी स्तर का जुड़ाव पार्टी को आगामी चुनौतियों में कितनी मजबूती प्रदान करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. रमन सिंह का यह बयान पार्टी के उन कार्यकर्ताओं के लिए एक कड़ा संदेश है जो अक्सर पद न मिलने की वजह से निष्क्रिय हो जाते हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब स्पष्ट कर चुका है कि आने वाले ढाई साल केवल ‘विकास’ और ‘संगठन विस्तार’ के नाम रहेंगे। कवर्धा में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा का जमीनी आधार अभी भी काफी मजबूत है और वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का पालन करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।
