पटना पीएमसीएच: पटना के पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) के पुनर्विकास कार्य ने अब एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। नई इमरजेंसी यूनिट की छत पर एयर एंबुलेंस उतारने की तैयारी अब लगभग अंतिम चरण में है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एयर एंबुलेंस लैंडिंग एरिया की दीवार ऊंची करने का निर्देश दिया, ताकि एयर ऑपरेशन पूरी तरह से सुरक्षित रह सके।
इमरजेंसी बिल्डिंग की छत पर बनेगा हेलीपैड, मिले निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इमरजेंसी यूनिट की सबसे ऊपरी मंजिल पर एयर एंबुलेंस की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने चहारदीवारी को और ऊंचा बनाने का आदेश दिया। उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें और गुणवत्ता में कोई समझौता न करें। उनका यह आदेश पीएमसीएच के पुनर्विकास के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी में उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की, जिसमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी), इंटेन्सिव केयर यूनिट (आईसीयू), परामर्श कक्ष, ऑक्सीजन लाइन और प्रसूति सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं का विस्तार और उन्नयन मरीजों की चिकित्सा देखभाल को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
2021 से चल रहा पुनर्विकास, कई चरण पूरे
पीएमसीएच पुनर्विकास परियोजना फरवरी 2021 में शुरू हुई थी, और तब से इसके कई महत्वपूर्ण चरण पूरे हो चुके हैं। फरवरी 2024 में कंबाइंड अल्ट्रासाउंड एवं बायोकेमिकल स्क्रीनिंग, एमएलसीपी, नर्सेज एवं गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन किया गया था। इसके अलावा, राज्य रक्त अधिकोष का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। मई 2024 से टावर-1 और टावर-2 के बेसमेंट में 120 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा है।
निचली मंजिलों पर हाई-टेक जांच सुविधाएं
पीएमसीएच की नई इमारत में आधुनिक जांच और उपचार सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाया गया है। प्रथम तल पर सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की सुविधाएं चालू हैं। इसी तल पर ईएनटी ओपीडी भी संचालित हो रही है। द्वितीय और चतुर्थ तल पर औषधि और त्वचा रोग (चर्म) विभाग की इंटर्नल मेडिसिन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। तृतीय तल पर पीएसएम, कार्डियोलॉजी, दंत चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति, शिशु रोग, जेरियाट्रिक्स और पीएमआर विभाग की ओपीडी चल रही है, जो मरीजों को बहुआयामी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।
5वीं से 10वीं मंजिल तक तैयार हो रहीं उन्नत यूनिटें
पांचवें तल पर स्त्री एवं प्रसूति रोग की इंटर्नल मेडिसिन (आईपीडी), लेबर ओटी, लेबर रूम और एनआईसीयू शुरू होने की तैयारी में हैं। छठे तल को पूरी तरह से आईसीयू और 22 मॉड्यूलर ओटी के लिए विकसित किया जा रहा है। सातवें तल पर प्रसूति विभाग और शिशु रोग विभाग का फैकल्टी रूम बनाया गया है, जबकि आठवीं मंजिल पर अधीक्षक कार्यालय संचालित हो रहा है। नौवें तल पर मरीजों के लिए डीलक्स और सुइट रूम तैयार किए जा रहे हैं, जो उनकी सुविधा को और बढ़ाएंगे। दसवीं मंजिल पर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड का निर्माण अंतिम चरण में है, जो तेजी से आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अधिकारी दीपक कुमार, लोकेश कुमार सिंह, कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, हिमांशु शर्मा और डॉ. नीलेश रामचंद्र देवड़े सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने पुनर्विकास कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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