सूर्य का गोचर 2025: सूर्य, जिसे ग्रहों का राजा माना जाता है, मानव जीवन में शक्ति, आत्मविश्वास और ऊर्जा का प्रतीक है। ज्योतिष में सूर्य का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका प्रभाव हमारे स्वभाव, सामाजिक प्रतिष्ठा, निर्णय लेने की क्षमता और सफलता पर पड़ता है। जब सूर्य एक मजबूत स्थिति में होते हैं, तो यह व्यक्ति को नेतृत्व, साहस और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
सूर्य का गोचर कब होगा?
16 नवंबर 2025 को दोपहर 1:40 बजे सूर्य अपनी नीच राशि तुला से निकलकर मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। वृश्चिक के स्वामी मंगल हैं, जो ऊर्जा और क्रियाशीलता के प्रतीक हैं। इस समय सूर्य और मंगल की युति से “आदित्य मंगल राजयोग” बनेगा, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। यह योग व्यक्ति को शक्ति, प्रसिद्धि और नेतृत्व के अवसर प्रदान करता है। हालांकि, चूंकि सूर्य और मंगल दोनों अग्नि तत्व के ग्रह हैं, इस दौरान कुछ लोगों में आक्रोश और अधीरता बढ़ सकती है।
आइए जानते हैं — सूर्य के इस गोचर का बारह राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
मेष राशि
सूर्य आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। इस समय स्वास्थ्य को लेकर कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, विशेषकर जलने या चोट लगने का खतरा हो सकता है। आय के स्रोत स्थिर रहेंगे, लेकिन पारिवारिक विवाद का सामना करना पड़ सकता है। संवाद करते समय संयम बरतें। धन का लाभ मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना जरूरी होगा।
वृषभ राशि
सूर्य आपके सातवें भाव में गोचर करेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में मजबूती आएगी। सरकारी कर्मचारियों को पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि का लाभ मिलेगा। हालांकि, वैवाहिक जीवन में तनाव और गलतफहमियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और साथी के साथ संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
मिथुन राशि
सूर्य आपके छठे भाव में प्रवेश करेंगे। इस समय करियर में संघर्ष और प्रतियोगिता बढ़ेगी, लेकिन शत्रु पराजित होंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय अनुकूल नहीं है, पेट या छाती से जुड़ी समस्याएँ हो सकती हैं। मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, और कानूनी मामलों में सावधानी बरतें।
कर्क राशि
सूर्य आपके पांचवे भाव में गोचर करेंगे। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए यह समय बहुत अनुकूल है। उच्च शिक्षा में सफलता, संतान की उन्नति और व्यापार में लाभ मिलेगा। जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा।
सिंह राशि
सूर्य आपके चौथे भाव में गोचर करेंगे। आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय शक्ति में वृद्धि होगी। मानसिक रूप से सशक्त महसूस करेंगे। धन लाभ के साथ-साथ समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति और नौकरी में उन्नति के संकेत हैं। पिता का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक वातावरण भी बेहतर रहेगा।
कन्या राशि
सूर्य आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस समय भौतिक सुख-सुविधाओं और यश-वैभव में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा, और आप धर्म व अध्यात्म की ओर आकर्षित होंगे। धार्मिक यात्रा का योग बन रहा है, लेकिन खान-पान पर ध्यान देना न भूलें।
तुला राशि
सूर्य आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे। यह समय परिवार से सुखद रहेगा। आपकी बोलने की कला और संवाद कौशल में सुधार होगा। धन लाभ के योग बन रहे हैं, लेकिन पैतृक संपत्ति से जुड़े विवादों से बचें। कानूनी मामलों में संयम जरूरी है।
वृश्चिक राशि
सूर्य आपके प्रथम भाव (लग्न) में प्रवेश करेंगे। यह गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। आपकी मेहनत और लगन आपको समाज में पहचान दिलाएगी। करियर और शिक्षा में सफलता मिलने की संभावना है, लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। विवाहित जीवन में तनाव संभव है।
धनु राशि
सूर्य आपके द्वादश भाव में गोचर करेंगे, जो कुछ चुनौतीपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में नुकसान या रुकावटें आ सकती हैं। विरोधी सक्रिय रहेंगे और आंखों से जुड़ी परेशानियाँ हो सकती हैं। फिर भी, कानूनी मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आगे चलकर करियर में उन्नति के संकेत हैं।
मकर राशि
सूर्य आपके एकादश भाव में गोचर करेंगे। परिवार में सुख मिलेगा और धन की आमद बढ़ेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। संतान की उन्नति होगी, हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है। विद्यार्थियों को अपने अध्ययन पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है।
कुम्भ राशि
सूर्य आपके दशम भाव में गोचर करेंगे। यह गोचर आपके लिए अत्यंत शुभ और सम्मानजनक रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा और धार्मिक यात्रा का योग भी बन रहा है। पिता के सहयोग से विशेष लाभ प्राप्त होगा।
मीन राशि
सूर्य आपके नवम भाव में गोचर करेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और धर्म, अध्यात्म में रुचि गहरी होगी। समाज में आपकी पहचान मजबूत बनेगी। भाइयों से संबंध अच्छे रहेंगे, लेकिन कार्य क्षेत्र में कुछ विवाद हो सकते हैं। किसी भी बात पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न करें और बड़ों के सुझावों को महत्व दें।
सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर शक्ति, साहस और परिवर्तन का संकेत देता है। यह समय कुछ लोगों के लिए नई शुरुआत, तो कुछ के लिए आत्मचिंतन का होगा। सूर्य और मंगल की युति से बना आदित्य-मंगल योग व्यक्ति को ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। इस दौरान गुस्सा और अधीरता पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, ताकि सफलता सुनिश्चित हो सके।
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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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