Schools: यूपी के सरकारी स्कूल चार दिसंबर तक शाम 5 बजे तक खुलेंगे, प्रशासन का निर्णय

उत्तर प्रदेश: परिषदीय स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जागरण संवाददाता, कानपुर। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने परिषदीय स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। यह निर्णय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) डिजिटलीकरण कार्य की प्रगति को देखते हुए लिया गया है।…

Schools: यूपी के सरकारी स्कूल चार दिसंबर तक शाम 5 बजे तक खुलेंगे, प्रशासन का निर्णय

उत्तर प्रदेश: परिषदीय स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश

जागरण संवाददाता, कानपुर। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने परिषदीय स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। यह निर्णय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) डिजिटलीकरण कार्य की प्रगति को देखते हुए लिया गया है। अब सभी परिषदीय स्कूलों को शाम पांच बजे तक खुला रखा जाएगा, चाहे वह सामान्य दिन हो या अवकाश का दिन।

जिला मजिस्ट्रेट जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई एसआइआर डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि जिले की विधानसभाओं में इस कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था। बीएसए ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में देरी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।

स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य

बीएसए ने बताया कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की जिम्मेदारी के चलते कई बार शिक्षकों ने स्कूल बंद होने के समय पर सहयोग नहीं किया, जिससे डिजिटलीकरण कार्य प्रभावित हो रहा था। इस स्थिति को देखते हुए, अब सभी शिक्षकों को दोपहर तीन बजे तक बच्चों को स्कूल से छोड़ने के बाद शाम पांच बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

इससे न केवल स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि डिजिटलीकरण कार्य भी तेजी से पूरा होगा। बीएसए ने निर्देश दिया है कि एसआइआर कार्य पूरा होने तक, सभी स्कूलों को अवकाश के दिनों में भी शाम पांच बजे तक खोला रखा जाएगा। यह निर्णय शिक्षकों और प्रशासन दोनों के लिए फायदेमंद होगा, जिससे सभी संबंधित कार्य समय पर पूरे हो सकें।

डिजिटलीकरण के महत्व पर जोर

एसआइआर डिजिटलीकरण कार्य का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता लाना है। यह प्रक्रिया न केवल छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, बल्कि शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के काम को भी सरल बनाएगी। डिजिटलीकरण के माध्यम से सभी जानकारी और डेटा आसानी से उपलब्ध होगा, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि इस प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाता है, तो यह छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल शैक्षणिक मानकों में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नई दिशा प्राप्त होगी।

बच्चों के शैक्षिक विकास का ध्यान

बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने यह भी कहा कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होने से बचाना है। लंबे समय तक स्कूलों का बंद रहना बच्चों के शैक्षिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, सभी स्कूलों को समय पर खुला रखना और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है।

इस निर्णय से न केवल शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चे सही समय पर शिक्षा प्राप्त कर सकें। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

कानपुर के परिषदीय स्कूलों में समय में यह बदलाव निश्चित रूप से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। बीएसए सुरजीत कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया यह आदेश न केवल प्रशासनिक सुधार का प्रतीक है, बल्कि यह बच्चों के शैक्षिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। सभी संबंधित पक्षों को इस निर्णय का स्वागत करना चाहिए और इसे सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने चाहिए।

इस बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस निर्णय का प्रभाव कैसे पड़ता है और क्या यह डिजिटलीकरण कार्य को समय पर पूरा करने में सहायक होता है। शिक्षा के क्षेत्र में इन परिवर्तनों का स्वागत किया जाना चाहिए, जिससे सभी छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

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