Record: छठ पूजा में अनुराधा पौडवाल का ‘उग हे सूरज देव’ 285 मिलियन व्यूज पार

अनुराधा पौडवाल का छठ गीत: आज छठ पूजा का दूसरा दिन है, जिसे हम खरना के नाम से जानते हैं। इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही घाट की तैयारी में जुट जाते हैं और शाम के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए विशेष आयोजन करते हैं। यह क्षण बेहद ही भावुक और मनमोहक…

Record: छठ पूजा में अनुराधा पौडवाल का ‘उग हे सूरज देव’ 285 मिलियन व्यूज पार

अनुराधा पौडवाल का छठ गीत: आज छठ पूजा का दूसरा दिन है, जिसे हम खरना के नाम से जानते हैं। इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही घाट की तैयारी में जुट जाते हैं और शाम के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए विशेष आयोजन करते हैं। यह क्षण बेहद ही भावुक और मनमोहक होता है। इस बीच, छठ महापर्व का वातावरण और भी खास हो गया है, क्योंकि एक बार फिर से अनुराधा पौडवाल का सुपरहिट छठ गीत ‘उग हे सूरज देव’ सुनाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस गाने की रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं।

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285 मिलियन से अधिक व्यूज की उपलब्धि

यह प्रसिद्ध गीत T-Series Bhakti Sagar के यूट्यूब चैनल पर लगभग **6 साल** पहले रिलीज हुआ था। तब से लेकर अब तक इस गाने ने यूट्यूब पर **285 मिलियन** से अधिक व्यूज प्राप्त कर लिए हैं, जो इसकी अपार लोकप्रियता को दर्शाता है। ‘उग हे सूरज देव’ गाने में अनुराधा पौडवाल ने अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से भक्तों के दिलों को छू लिया है। इस गीत के बोल विनय बिहारी ने लिखे हैं और इसका संगीत सुरिंदर कोहली ने तैयार किया है। यह गीत न केवल छठ पूजा की भक्ति को बढ़ावा देता है, बल्कि सूर्य देव और छठी मैया के प्रति श्रद्धा को भी मजबूती प्रदान करता है।

फैंस के बीच इस गीत की धूम

अनुराधा पौडवाल का यह गीत सुनते ही मन में एक अद्भुत शांति और खुशी का अहसास होता है। हर साल छठ पूजा के अवसर पर यह गीत घाटों, घरों और यूट्यूब पर गूंजता है। छठ पूजा का यह पर्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल का प्रतीक भी है। ऐसे में अनुराधा पौडवाल का यह गीत पर्व के माहौल को और भी जीवंत बना देता है। लोग इसे यूट्यूब पर बार-बार सुनकर अपने मन को शांत करते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देने की भावना में डूब जाते हैं।

छठ पूजा का महत्व और सांस्कृतिक पहलू

छठ पूजा का पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता अन्य राज्यों में भी फैली है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है और इसमें सूर्य देव और छठी मैया की आराधना की जाती है। इस दौरान भक्त विशेष स्नान करते हैं, उपवास रखते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। इस पर्व का एक अलग ही महत्व है, जो परिवार और समाज के बीच एकता और भाईचारे को बढ़ावा देता है।

  • पहला दिन: नहाय खाय – इस दिन भक्त विशेष स्नान करते हैं और शुद्ध भोजन करते हैं।
  • दूसरा दिन: खरना – इस दिन उपवास रखा जाता है और शाम को विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
  • तीसरा दिन: सूर्य को अर्घ्य देना – इस दिन भक्त सूर्योदय से पहले घाट पर जाते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।
  • चौथा दिन: पारण – इस दिन उपवास का समापन किया जाता है और परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करते हैं।

सामाजिक समरसता का प्रतीक

छठ पूजा का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक है। इस अवसर पर लोग एक साथ मिलकर पूजा पाठ करते हैं, गीत गाते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। अनुराधा पौडवाल का ‘उग हे सूरज देव’ गाना इस पर्व की भक्ति भावना को और भी गहराई देता है। इस गीत के माध्यम से भक्त अपने मन की भावनाओं को प्रस्तुत करते हैं और सूर्य देव से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

इस प्रकार, छठ पूजा का यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। अनुराधा पौडवाल का यह गीत इस पर्व के महत्व को और अधिक बढ़ाकर भक्तों को एकजुट करने का कार्य करता है। इस प्रकार, जैसे-जैसे छठ पूजा का पर्व नजदीक आ रहा है, भक्त इस गीत को सुनकर अपने मन में सकारात्मकता और भक्ति का संचार कर रहे हैं।